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भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने सीएम को सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन, फर्जी गिरफ्तारियों का किया विरोध

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने सीएम को सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन, फर्जी गिरफ्तारियों का किया विरोध।

दुद्धी/सोनभद्रा।(प्रमोद कुमार) भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रशासन की मनमानी कार्रवाइयों और पुलिस की दमनकारी कार्यप्रणाली के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पांच सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में मिर्जापुर जिले में पार्टी के प्रमुख नेताओं सुधाकर यादव और जीरा भारती की फर्जी मामलों में गिरफ्तारी व जेल भेजे जाने के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज किया गया।
ज्ञापन के अनुसार, भाकपा (माले) के उत्तर प्रदेश सचिव सुधाकर यादव और राज्य कमेटी सदस्य जीरा भारती को 3 जनवरी 2026 को मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र में बिना वारंट के गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों नेता बनारस में एक दिवंगत सदस्य की अंत्येष्टि में भाग लेकर लौट रहे थे। पुलिस ने कोई कारण न बताते हुए उन्हें हिरासत में लिया और 24 घंटे तक उनकी लोकेशन की जानकारी नहीं दी। बाद में पता चला कि उन्हें मिर्जापुर जेल भेज दिया गया।
ये गिरफ्तारियां मिर्जापुर के लालगंज थाना क्षेत्र के तेंदुआ खुर्द गांव में वन विभाग और प्रशासन द्वारा गरीब आदिवासियों को बेदखल करने के खिलाफ चल रहे संघर्ष से जुड़ी बताई गईं। सुधाकर यादव और जीरा भारती आदिवासियों के वनाधिकार बहाल करने, विस्थापन रोकने तथा बुलडोजर कार्रवाई वापस कराने के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। 2-3 जनवरी की रात वनकर्मियों ने जेसीबी मशीनों के साथ गांव पहुंचकर महिलाओं-लड़कियों से अभद्रता की और मारपीट की। ग्रामीणों के प्रतिरोध पर वन विभाग ने लालगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें सुधाकर यादव और जीरा भारती का नाम जोड़ दिया गया, जबकि वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। गिरफ्तारी एफआईआर से पहले हुई, फिर भी उन्हें गंभीर धाराओं में फंसाया गया।
ज्ञापन में ‘ सुधाकर यादव, जीरा भारती और गिरफ्तार ग्रामीणों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए तथा एफआईआर 04/2026 निरस्त हो।,फर्जी फंसाने वाले अधिकारियों और जीरा भारती से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।,आदिवासियों के घरों-खेतों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकी जाए ।,वनकर्मियों पर हमले के आरोपी वन अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा घायल ग्रामीणों की एफआईआर दर्ज की जाए। और आदिवासियों को वनाधिकार कानून के तहत जल-जंगल-जमीन पर अधिकार दिए जाएं’ मांगें शामिल हैं ।
बिगन राम गोड के नेतृत्व में शिवाजी तालाब से तहसील तक मार्च निकाला गया। कार्यक्रम में धनेश्वर सिंह गोड, लाल सिंह खरवार, रंजीत भुइया, रामकिशन गौड़, सुभाष चंद खरवार, विद्या प्रसाद खरवार, दीनदयाल खरवार, रमेश गौड़, रामचंद्र खरवार, किशुन खरवार, शेर सिंह खरवार, अनिल कुमार गुप्ता, रामशरन गौड़, नारद मुनी खरवार, जैसिंह खरवार, वंशबहादुर, राकेश यादव, रामलाल चेरो, बच्चालाल खरवार, शंभूनाथ, कौशिक ,राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।