मनरेगा में फिर मची लूट, भुगतान के बाद धराशायी हुआ रपटा और सोखता गड्ढा
क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)


मनरेगा में फिर मची लूट, भुगतान के बाद धराशायी हुआ रपटा और सोखता गड्ढा
•कोन ब्लॉक में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्रामीण विकास योजना, जांच के नाम पर खानापूर्ति का आरोप
दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार)नवसृजित विकास खंड कोन में मनरेगा के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में एक बार फिर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खुल गई है। ग्राम पंचायत कुड़वा में छठ घाट जाने वाले मार्ग पर बना रपटा महज कुछ महीनों में ही एक ओर से धराशायी हो गया। इसी तरह पंचायत क्षेत्र में बने सोखता गड्ढों की दीवारें भी कुछ ही समय में टूट-फूट गईं। ग्रामीणों का कहना है कि भुगतान के बाद विभागीय अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं, जिससे करोड़ों रुपये की योजनाएं मज़ाक बनकर रह गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, रपटा का निर्माण अक्टूबर 2024 में कराया गया था और उसी वर्ष भुगतान भी किया गया। लेकिन निर्माण के एक वर्ष पूरे होने से पहले ही यह ढह गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष बारिश सामान्य से अधिक हुई थी, इसके बावजूद रपटा में पानी नहीं ठहरा, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और निगरानी के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी कोन ब्लॉक क्षेत्र में एक तालाब में बनी कोर वॉल भुगतान से पहले ही ध्वस्त हो गई थी। ऐसे में यह साफ है कि ब्लॉक से लेकर गांव स्तर तक मनरेगा कार्यों में कमीशनखोरी और अनियमितताओं का खेल जारी है।
स्थानीय निवासी सुनील यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लॉक अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। जांच समितियां केवल औपचारिक दौरे कर खानापूर्ति करती हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि कुड़वा ग्राम पंचायत में कराए गए दोनों निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि छठ महापर्व निकट है, इसलिए घाट पहुंच मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो।
