1 min read

विजयादशमी,दुद्धी रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, भीषण युद्ध और नीति-ज्ञान के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

विजयादशमी,दुद्धी रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब, भीषण युद्ध और नीति-ज्ञान के मंचन ने दर्शकों को किया भावुक।

दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार) विजयादशमी का पर्व बृहस्पतिवार को कस्बे में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रामलीला मैदान में हुए भव्य रामलीला मंचन और रावण दहन देखने हजारों की भीड़ उमड़ी।इस दौरान पूरे कस्बे का माहौल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह से सराबोर रहा।

अपराह्न बाद मां काली मंदिर, संकटमोचन मंदिर, पंचदेव मंदिर, रामनगर शिव मंदिर सहित विभिन्न देवी पंडालों से सुसज्जित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का धूमधाम से जुलूस निकाला गया। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच शोभायात्रा रामलीला मैदान पहुंची, जहां सभी प्रतिमाएं एकत्रित हुईं। यहीं से विजयादशमी का मुख्य कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।

रामलीला मंचन के दौरान रथ पर भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध का सजीव चित्रण किया गया।

बाणों की वर्षा, रथ की गर्जना और शंखध्वनि से पूरा मैदान गूंज उठा। मेघनाथ की वीरता, विभीषण की नीति-धर्म पर आधारित संवाद और युद्ध का रोमांच दर्शकों में उत्साह भर दिया।

युद्ध के चरम पर जब रावण अपने अंतिम क्षणों में था, तब रावण-लक्ष्मण संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। मरणासन्न रावण ने लक्ष्मण को निकट बुलाकर जीवन और राज्य संचालन से जुड़ी अमूल्य नीतियों का ज्ञान दिया।

इस प्रसंग में उसने बताया कि जीवन में शत्रु को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए, बुराई कितनी ही शक्तिशाली क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है, और सबसे बड़ा मूल्य धर्म और सत्य का पालन है। इस ज्ञान नीति को सुनकर दर्शक गहराई तक प्रभावित और भावुक हो उठे।

इसके उपरांत 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला दहन किया गया। आतिशबाजी और पटाखों की गूंज से पूरा आसमान जगमगा उठा और चारों ओर जय श्रीराम व हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
रावण दहन के उपरांत मां दुर्गा की प्रतिमाएं शोभायात्रा के साथ मुख्य मार्ग से गुजरते हुए ऐतिहासिक शिवाजी तालाब पहुंचीं, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चारण व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मां दुर्गा व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं को नम आंखों से जल में विसर्जित किया गया।
आयोजन समिति ने बताया कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से विशाल आयोजन निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ। समिति ने अपील की कि विजयादशमी का पर्व हमेशा सत्य, धर्म और सद्भाव का प्रतीक बने।
इस मौके पर भाजपा पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रवण सिंह गोंड, नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार राय, संरक्षक मंडल के देवनारायण जायसवाल, भोलानाथ आढ़ती, श्रीनंदलाल एडवोकेट, दिनेश आढ़ती, रविन्द्र जायसवाल, अक्षयवर नाथ आढ़ती, चंद्रिका प्रसाद आढ़ती, प्रेमचंद आढ़ती, राम केवल गुप्ता आढ़ती सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, बुद्धिजीवी व क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरि, महामंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, प्रेम नारायण मोनू सिंह, सुमित सोनी, आलोक अग्रहरि, राजेन्द्र श्रीवास्तव एडवोकेट, अरुणोदय जौहरी, विष्णुकांत तिवारी, दिलीप पाण्डेय, अमरनाथ जायसवाल, सुनील जायसवाल व संदीप कुमार गुप्ता समेत हजारों नगरवासी इस भव्य आयोजन के साक्षी बने।
दुद्धी की विजयादशमी इस वर्ष धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत संगम बनी। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि असत्य और अहंकार का अंत निश्चित है, जबकि सत्य और नीति की जीत अवश्य होती है।