बड़े ही अदबोएहतराम के साथ बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ निकला

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

बड़े ही अदबोएहतराम के साथ बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ निकला।

रेणुकूट/सोनभद्र। नइम शाह।मजहबे इस्लाम के आखिरी पैगंबर रसूल हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (मोहम्मद साहब) की यौमे पैदाइश को हर्षोल्लास से मनाया गया। मंगलवार को रेनुकूट शहर के मुख्य मार्गों से जुलूस बहुत ही अकीदत और एहतराम के साथ निकला। जुलूस में झांकियां, चार पहिया वाहन और बड़ी संख्या में बाइक सवार शामिल रहे।

जामा मस्जिद रेनुकूट कमेटी की तरफ से आयोजित जुलूस-ए-मोहम्मदी मंगलवार सुबह दस बजे जामा मस्जिद से मीलाद,और सलातो सलाम के बाद निकाला गया।जामा मस्जिद रेनुकूट कमेटी के चेयरमैन जनाब लियाकत अली खान ने बताया कि ये मुहम्मदी जुलूस हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जामा मस्जिद से लालता पेट्रोल पम्प तक बड़े ही अदवोऐहतराम तक जाता हैं और वापस जामा मस्जिद वापस आकर सलातो सलाम पढ़ कर समापन हो जाता हैं।
जामा मस्जिद रेनुकूट के इमाम जनाब हाफिज अमानततुल्ला हुसैन साहब
ने बताया कि यह त्योहार इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने ‘रबी उल-अव्वल’ की 12वीं तारीख को मनाया जाता है। ‘बारावफात’ शब्द में ‘बारा’ का अर्थ अरबी-फारसी में बारह (12) होता है।इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जीवनी, उनके उपदेशों और समाज में दिए गए दया, प्रेम और भाईचारे के संदेश को याद करते हैं। मस्जिदों और घरों में रात भर विशेष इबादत की जाती है और पैगंबर की शान में दरुद सरीफ पढ़ी जाती हैं,और दुआ मांगी जाती हैं।इस जुलूस में नात सरीफ के साथ साथ लोगों ने नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर, सरकार की आमद मरहबा के नारे गुंजते रहें।
इस जुलूस के दौरान जामा मस्जिद के सदर हाजी आलम,रियाज कुरैशी, पत्रकार शेख जलालुद्दीन, उप सदर मोबिन खान, शेरु खान, अजीम खान,सैय्यद अली नुरुल,उपचेयरमैन असलम अंसारी,सभासद नौशाद मियां, अनस कुरैशी,यासीन भाई,अल्ताफ खान, जरनल सेक्रेटरी नसीम अहमद, रिजवानुल हक,क्षेत्राधिकारी हर्ष पान्डेय जी
पिपरी थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे,चौकी प्रभारी जितेंद्र सरोज मुस्तैदी के साथ मौजूद रहें।