फ़्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में पानी को लेकर ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन,फ्लोराइड युक्त व नदी नाले का पानी पीने को विवश
क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

फ़्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में पानी को लेकर ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, फ्लोराइड युक्त व नदी नाले का पानी पीने को विवश
कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में, लोगों ने लगाया योजना में सरकारी धन बंदरबांट करने का आरोप
कोन/ सोनभद्र।(ऊमर खान) जनपद के नव सृजित विकास खंड कोन अंतर्गत जल जीवन मिशन हर्रा कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत हर घर नल योजना धरातल पर धाराशायी साबित हो रहा है ।मिली जानकारी के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं सका किन्तु कागजों पर पूर्ण दिखा दिया है जिससे संबंधित ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन किया । जिसके क्रम में कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लि. के द्वारा सड़क किनारे किनारे पाईप ढकने और नल कनेक्शन मरम्मत करने का कार्य शुरु किया गया ताकि जाँच में सच्चाई सामने नजर न आये। बतातें चलें कि डी आई पाईप लाइन, एच डी पी, एमडीपीई पाईप लाईन की गहराई और उसकी गुणवत्ता भी देखा जा सकता है जो जगह जगह आज भी मानक के अनुरूप नहीं है जिसका नतीजा है कि हल्की बरसात या अन्य कारणों से पाईप लाईन ध्वस्त हो जा रहा है। इसी क्रम में सोन नदी में इंटेक का देखा जा सकता है जो बिना बरसात के ही नदी की धारा परिवर्तित हो जाती है जिससे पानी के आय दिन एक दो दिन में पानी का लेबल लो हो जाता है तो इससे सहज ही गर्मी के दिनों अंदाजा लगाया जा सकता है। जो लोगों के गले का फांस बना हुआ है। जबकि किसी भी प्रोजेक्ट को लगाने से पहले उसकी जीए ड्राइंग तैयार की जाती है फिर आखिर नदी की धारा परिवर्तित बार बार क्यों हो जा रही है यह सवाल लोगों के जेहन में घर कर गया है। ग्रामीणों के अनुसार आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन दिए गए, लेकिन कई महीनों से नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा था जहाँ कोन क्षेत्र के संबंधित कार्यदायी संस्था के चुनिंदा कारखासों द्वारा संबंधित विभाग व आम जनता को गुमराह करने का सिलसिला अनवरत जारी है यही नहीं बल्कि संस्था के कामगारों द्वारा कनेक्शन व मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति करके कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फ़्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा , कुड़वा क्षेत्र में हर घर नल योजना लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जानकारी के अनुसार संबंधित संस्था द्वारा कई महीनें में कभी कभार एक दो दिन सड़क किनारे किनारे पानी चंद मिनट चलवाकर जिस क्षेत्र में पानी जाता है वहाँ का फोटो और लोगों को झूठी अश्वासन देकर फर्जी वीडियो बनाने का सिलसिला अनवरत जारी है। बतादें कि हर घर नल योजना के कार्यदायी संस्था के द्वारा पाईप लाईन तो जहाँ भी डाला गया उसकी मानक के अनुरूप गहराई व पाईप की क्वालिटी से सहज अंदजा लगाया जा सकता जो उच्च स्तरीय जाँच का विषय है। बतातें चलें कि कचनरवा के टोला असनाबांध लिंक रोड वार्ड नंबर 3 में विगत आठ महीनों से ऊपर हो गया है किन्तु आज तक जलापूर्ति नहीं हो पायी जिसके क्रम में ग्रामीणों ने सी एम हेल्प लाइन पर भी शिकायत किया किन्तु संबंधित विभाग द्वारा महीनों बाद बिना कार्य पूरा किये ही अपनी जाँच आख्या लगा दी गई जो ग्रामीणों के समझ से परे है। आखिर संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा किन कारणों से संबंधित फर्म को बचाया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायत कचनरवा के असनाबांध वार्ड -3, बड़ाप , बागेसोती, सिंगा, डुबवा , धौरवादामर , सेमरवादामर , गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी , धीचोरवा, , बिछमरवा , केवाल खरौंधी, चांचीकला, नकतवार सहित कई गांवों में हर घर नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिसका जीता जागता उदाहरण टंकी से सटा गाँव बड़ाप है जहाँ आज तक कनेक्शन लोगों को नहीं मिला और असना बांध वार्ड -3 में विगत आठ महीनों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है जबकि पानी के लिए लोग समय समय पर कई बार ग्रामीण प्रदर्शन कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग छ: महीनें से फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में पानी आपूर्ति नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि हर घर नल योजना क्षेत्र में फ्लाप साबित हो रहा है यहाँ तक कि कई जगहों पर नल कनेक्शन तक नहीं है । ग्रामीण रूपन, सीताराम , सुनैना, प्रतिमा, कलावती ने बताया कि आज भी लोग सिधवादामर , कुड़वा सहित अन्य स्थानों के लोग नदी नाले ,चुआंड से लेकर पानी पीने को मजबूर है। जिसके क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी बिहारी प्रसाद यादव ने संबंधित संस्था पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्र में आज भी लोग लोग नदी नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं जहाँ जवान बूढ़े दिखने लगे हैं और बच्चों के दांत भी पीले पड़ जा रहे हैं और आय दिन लोग फ्लोरोसिस की चपेट में आने से लोग काल के मुँह में समा जा रहे हैं जो लोगों के लिए अभिशाप से कम नहीं है और उन्होंने ऐसे भ्रष्ट संस्था को तत्काल ब्लैक लिस्टेड की जाये ताकि सरकार की छवि धूमिल न हो सके। जिससे ग्रामीणों को नियमित पेय जलापूर्ति हो सके।बतादें कि अभी तक बहुतायत में लोगों के घरों में नल कनेक्शन तक नहीं है और शिकायत करने पर भी उसका नतीजा सिफर निकलता है। बतादें कि संस्था के द्वारा कई महीनों में रोड तरफ पानी देकर कोरम पूरा कर लिया जाता है जबकि गांवों के लिंक रोड तरफ पानी जाता ही नहीं है। इसी तरह कोन क्षेत्र के चांची खुर्द, नकतवार , मिश्री , खरौंधी , कचनरवा, असनाबांध ,बड़ाप, रोहिनवादामर् , नरोईयादामर, मधुरी ,बागेसोती , सिंगा , कुड़वा के धौरवादामर्, शिवाखाडी , डीलवाहा, गोबरदाहा , पीपरखाड़, बिछमरवा, धंगरडिहा सहित कई जगहों पर आज तक लोगों को नियमित शुद्ध पेयजल नहीं मिल सका। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कनेक्शन है वहाँ भी कई महीनों से पानी नहीं मिल रहा है जिससे लोगों में आक्रोश ब्याप्त है। सबसे बड़ा सवाल है कि भारत सरकार व प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नमामि गंगे जल मिशन के तहत परियोजना के द्वारा जनहित व कामकाजी महिलाओं को देखते हुए बड़ी तेजी से कार्य शुरू किया गया किन्तु संबंधित कार्यदायी संस्था के उदासिनता व मनमानी पूर्ण कार्य प्रणाली के कारण लोगों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है बल्कि उनकी योजना को ठेंगा दिखाया जा रहा है जो बेहद शर्मनाक है। बल्कि संस्था के द्वारा कई महीनों से पानी देने का आश्वासन् दिया जा रहा है और जो अब केवल लोगों के दरवाजे पर नहीं बल्कि कागजों में सिमट कर रह गया है। दूसरी तरफ संस्था के अधिकारियों द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य कराया गया है । जिसके क्रम में बुधवार को समाजसेवी जोखन प्रसाद यादव की अगुुवाई में बागेसोती में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नियमित पानी आपूर्ति की मांग किया और उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत कचनरवा के टोला असनाबांध ,वार्ड तीन में वर्षो से पानी नहीं जा रहा है और संबंधित संस्था द्वारा वर्षों से झूठा अश्वासन दिया जा रहा है।इसी तरह बागेसोती के टोला सिंगा में चार वर्षों से पानी नहीं जा रहा है और पूरे ग्राम पंचायत में पानी आपूर्ति नहीं की जा रही है बल्कि संबंधित संस्था के द्वारा अपनी पीठ थपथपवाने के लिए अधिकांश ग्राम प्रधानों व पंचायत की जल समितियों से संपूर्ण गांव में जलापूर्ति होने का प्रमाण पत्र बनवा कर शासन स्तर पर भेजकर सरकारी धन का बंदर बाँट किया गया है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मोबिन् अंसारी, शिवानंद शर्मा, अशोक जायसवाल , नंद कुमार सिंह, अखिलेश यादव, अजय शर्मा, जाकिर हुसैन
आदि शामिल रहे। जिसके क्रम में स्थानीय लोगों ने सूबे के मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति कराने व संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग किया है।इस बावत अधिशासी अभियंता ( जल निगम) अरुण सिंह ने कहा कि नदी की धारा परिवर्तित होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई जिस पर कार्य चल रहा है जहाँ तक प्रयास है कि लोगों को नियमित पानी मिलने लगेगा और अभी कार्यदायी संस्था का कार्य पूरा नहीं हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोगों को पानी मिल पायेगा या यह योजना संबंधित अधिकारियों व कार्यदायी संस्था की भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगा।
