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छेड़खानी में बहा खून,पर्यावरण पार्क में मजनुओं की गैंग से भिड़े परिजन

Crime Journalist(सम्पादक-सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-आकृति अग्रहरि

*छेड़खानी में बहा खून,पर्यावरण पार्क में मजनुओं की गैंग से भिड़े परिजन!*

सुल्तानपुर – मिशन शक्ति फेज-5 को धता बताते हुए आज पर्यावरण पार्क में मजनुओं का गैंग पीछा करता हुआ पर्यावरण पार्क पहुँच गया।विरोध में युवतियों ने भी अपने घर के युवाओं को बुला लिया।दोनों तरफ से शंघर्ष हुआ।मारपीट के दौरान खून भी बहा।जब इतने से मन न भरा तो युवक को पर्यावरण पार्क के बाहर घेर कर हमला किया गया।चोटहिल युवक किसी तरह लहूलुहान अवस्था में अपनी जान बचाई।
घटना के बाद दर्जनों पुलिस कर्मी पर्यावरण पार्क पहुँचे। आसपास के दुकानदारों से पूछताछ करके छानबीन में पुलिस लगी है।
*सिविल लाइन की सड़क पर कानफोड़ू साइलेंसर से आतंक मचा रहे मजनूं!*

सुल्तानपुर – मनचलों के लिए सिविल लाइंस क्षेत्र आसान अड्डा बन गया है।बेखौफ मजनूं बाइक चलाते हुए साइलेंसर दागने की घटना यहां आम है।पटाका दागने वाले साइलेंसर की आवाज़ सुनकर राह में जाती हुई महिलाएं ,युवतियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।हालांकि पूर्व में एडिशनल एसपी अखंड प्रताप सिंह ने साइलेंसर दगने वालों पर कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस लाइन के सभागार में कहा था लेकिन नतीजा अब तक शून्य रहा।
*6 दिसंबर को गेट के सामने से उतारा गया कैमरा!*
/सुल्तानपुर/ घटनाओं पर नजर रखने के लिए पुलिस महकमें ने पर्यावरण गेट के सामने विद्युत खम्भे पर कैमरा लगाया हुआ था जिसे पोल बदलने के दरमियान बीते 6दिसंबर को वहां से हटा दिया गया ।जिस कारण आज हुई घटना का फुटेज रिकॉर्ड नहीं हो पाया ।आसपास के लोगों का कहना है कि पूर्व में कैमरा लगा होने के कारण बाइक चोरी की घटनाएं करीब करीब थम गई थी।
*स्टंटबाज ने अधिवक्ता नवीन शुक्ला की ली थी जान!*
सुल्तानपुर – सात माह पूर्व स्टंटबाज कार चालक ने युवा अधिवक्ता नवीन शुक्ला की जान ले ली थी !यातायात पुलिस ने रीलबाज ड्राइवर को मौके पर तो पकड़ा लेकिन रसूख के चलते वह सजा पाने से बच गया! यह वही सिविल लाइन क्षेत्र है जहां पर आज भी बिगड़ैलबाज फर्राटा भर रहे हैं! अधिवक्ता नवीन शुक्ला की मौत के बाद कुछ दिनों तक पर्यावरण पार्क चौराहे पर पुलिस का पहरा रहा और आने जाने वाले वाहन चालकों पर नजर भी रखते हुए कई वाहनों का चालान काटा गया।फिलहाल वक्त ने करवट ले ली और एक बार फिर से मजनुओं और स्टंटबाजों का आतंक व्याप्त हो गया है!