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भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती धूमधाम से मनाई

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती धूमधाम से मनाई।

दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार)स्थानीय कचहरी परिसर के सिविल बार एसोसिएशन सभागार में शनिवार को भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की नींव रखी, जब समाज इसका घोर विरोध करता था। उन्हें पत्थर मारे गए, अपमानित किया गया, लेकिन उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत की।
दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चंद ने बताया कि सावित्रीबाई एक बहादुर समाज सुधारिका थीं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष कर भारतीय इतिहास का रुख बदल दिया। उनका प्रयास शिक्षा, समानता और मानवता तक फैला था। समाज के विरोध के बावजूद उन्होंने लड़कियों व हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए स्कूल खोले।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वंदना कुशवाहा ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित होने के बावजूद पति के सहयोग से उन्होंने शिक्षा का दीप जलाया तथा महिलाओं को शिक्षित करने का प्रेरणादायक कार्य किया। संचालन रेखा गुप्ता ने किया। उन्होंने अपील की कि ऐसी स्वावलंबी महिलाओं से प्रेरणा लेते हुए घर-समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाएं।
इस अवसर पर दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चंद यादव, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, आशीष गुप्ता, राजेश अग्रहरि, अखिलेश कुशवाहा, संगीता वर्मा, सुपरवाइजर आईसीडीएस उमा गुप्ता, सन्नो बानो, अमरावती देवी आदि ने विचार व्यक्त किए।