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नदी की धारा में रास्ता बनाकर हो रहा है खनन-

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

नदी की धारा में रास्ता बनाकर हो रहा है खनन-

मेसर्स अंजली कंस्ट्रक्शन इंटरप्राइजेज के नाम से प्रोपराइटर मीरा सिंह के नाम से है पट्टा

दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार)प्रदेश में खनन नियमों का पालन करने को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जिले के खनन अधिकारी सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भले ही जिम्मेदारी तय कर दी हो लेकिन दुद्धी तहसील मुख्यालय के कुछ ही दूरी पर स्थित कोरगी बालू साईट की जमीनी हकीकत कुछ और दिख रहीं है।

दुद्धी तहसील के कोरगी बालू साइट से इन्वाइस बिल पर काटकर बालू बेची जा रहीं है जबकि दुद्धी से बाहर जाने वाली बड़ी गाड़ियों की लोडिंग रात्रि में करते हुए परमिट कहीं और की थमा दी जा रहीं है, वहीं बिना सीमांकन के ही नदी की बीच धारा में मशीनों से खनन बेखौफ जारी है। कोरगी बालू साइट की अनियमितताओं को लेकर बीडीसी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष पीसी गुप्ता एडवोकेट ने आई जी आर एस पोर्टल पर शिकायत कर खनन एवं पर्यावरण एन ओ सी की जाँच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके है, फिर भी कोरगी बालू साईट पर लीज से हटकर खनन जारी है।

नदी की धारा में रास्ता बनाकर हो रहा है खनन-

दुद्धी तहसील मुख्यालय से महज 3-4 किलोमीटर दूर कोरगी बालू साइट पर नदी की धारा के बीच में रास्ता बनाकर अवैध खनन किया जा रहा है। मशीनों से खनन इतना गहरा किया जा रहा है कि पूर्व में कई लोग गहरे खाई होने के कारण मौत को गले लगा चुके हैं।इससे न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि जलीय जीवों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पर्यावरणविदों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह न सिर्फ नदियों की सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि पर्यावरण नियमों का भी सीधा उल्लंघन है।

खनन नियमावली का उल्लंघन-

भारतीय खनिज विकास और विनियमन अधिनियम, 1957 और इसके तहत बने राज्य सरकारों के खनन नियमों में स्पष्ट प्रावधान हैं कि नदी की धाराओं में खनन करना सख्त मना है। नदी के बीच रास्ता बनाना या उसके प्राकृतिक स्वरूप में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करना अवैध माना जाता है। इसके अलावा, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और पर्यावरण मंजूरी के बिना किसी भी प्रकार का खनन अवैध है।कोरगी साइट पर इन प्रावधानों का खुला उल्लंघन होता दिखाई दे रहा है, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। भाजपा नेता सुरेन्द्र अग्रहरि ने इसके लिए पूर्ण रूप से जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि जिला प्रशासन की शह पर ही अवैध खनन किया जा रहा है जो सरकार का सीधा सीधा विरोध है। उन्होंने मुख्यमंत्री महोदय से मांग किया है कि इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ।