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श्री श्री सुदर्शन महायज्ञ का दुद्धी में हुआ भव्य समापन, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दी गई पूर्णाहुति

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्प्डक-सेराज खान)

श्री श्री सुदर्शन महायज्ञ का दुद्धी में हुआ भव्य समापन, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दी गई पूर्णाहुति।

दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार) स्थानीय रामलीला (टीसीडी) मैदान में नौ दिनों तक चले 21 कुंडीय श्री श्री सुदर्शन महायज्ञ का शुक्रवार को वैदिक विधि-विधान के साथ भव्य समापन हुआ। मां भारती जन सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में संपन्न इस अनुष्ठान में यजमान के रूप में श्री श्री नारायण आचार्य स्वामी जी महाराज की उपस्थिति रही।
शुक्रवार की सुबह श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यज्ञ की पूर्णाहुति की गई। यज्ञस्थल पर वैदिक ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण आध्यात्मिकता से सराबोर हो गया। नगर और आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति दी और महाप्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
बताया गया कि महायज्ञ का शुभारंभ 9 अक्टूबर को कलश यात्रा के साथ हुआ था। प्रतिदिन सुबह हवन और शाम को कथा प्रवचन, धार्मिक आयोजन तथा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। सायं 7 बजे से प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का मंचन भी होता रहा, जिसमें श्रद्धालु भावविभोर होते रहे। इस पूरे आयोजन में बच्चों और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से नगर में उल्लासपूर्ण माहौल बना रहा।
समापन अवसर पर अनेक साधु-संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। आयोजक अनिल कुमार हलवाई ने बताया कि सुदर्शन महायज्ञ का उद्देश्य समाज में शांति, एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देना था।
इस प्रकार, दुद्धी में संपन्न यह महायज्ञ क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक बन गया, जिसने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।