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हत्या नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या का आरोपी है रमेश : कोर्ट

Crime Journalist (सम्पादक-सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-आकृति अग्रहरि

हत्या नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या का आरोपी है रमेश : कोर्ट!

पत्नी के साथ पड़ोसी युवक विशाल को देख पीट-पीटकर पति रमेश ने उतार दिया था मौत के घाट!

बन्धुआकला थाने के बबुरी गांव का कथित प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला!

सुल्तानपुर – पत्नी के साथ पड़ोसी युवक को बिस्तर पर लेटा व बात करते देखा पीट-पीट कर मार डालने के मामले में बन्धुआकला पुलिस ने आरोपी रमेश पर हत्या की धारा लगाते हुए उसे बरामद आलाकत्ल के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। सीजेएम नवनीत सिंह ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या के अपराध में आरोपी का रिमांड स्वीकार करते हुए उसे 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
बन्धुआकला थाना क्षेत्र के बबुरी गांव के रहने वाली गीता देवी ने बीते सात अक्टूबर की रात करीब आठ बजे की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक उनका बेटा विशाल पड़ोस के ही रमेश के घर किसी काम से गया था, इसी दौरान आरोपी रमेश ने उनके पुत्र को लाठी-डंडा व धारदार हथियार से हमला कर गंभीर चोटे पहुंचाई। बीच-बचाव में पहुंची अपनी पत्नी वंदना को भी रमेश ने मार-पीट कर घायल कर दिया। लहूलुहान विशाल व वंदना को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां पर चिकित्सक ने विशाल को मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के पीछे प्रथमदृष्टया प्रेम-प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। घटना को अंजाम देने के बाद पकड़े गए आरोपी रमेश के मुताबिक अपनी पत्नी वंदना एवं मृतक विशाल को उसने अपने घर मे बिस्तर पर लेटा हुआ व बातचीत करते देखा,जिसको चलते वह अपना आपा खो दिया और वारदात को अंजाम दे डाला। मामले में आरोपी रमेश के जरिये विशाल को जान से मारने का इरादा नहीं माना गया बल्कि आवेश में आने के चलते हुई पिटाई की वजह से आई चोटों के परिणामस्वरूप विशाल ने दम तोड़ दिया। फिलहाल इस मामले में गीता देवी की तहरीर पर बुधवार को हत्या सहित अन्य आरोप में रमेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रभारी निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने आरोपी रमेश को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था,जिसके पास से हत्या में प्रयुक्त खून से सनी लाठी-बांस बरामद बताई गई। आरोपी रमेश को बरामद हथियार के साथ बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत ने विवेचक के जरिये पेश साक्ष्यों का आकलन करने के बाद मामले में हत्या के बजाय गैरइरादतन हत्या की धारा में रिमांड स्वीकार किया जाना उचित माना और आरोपी रमेश को गैरइरादतन हत्या के अपराध में 18 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से पुलिस के जरिए प्रथम सूचना रिपोर्ट में दर्ज की गई धारा एवं हत्या की धारा लगाकर कोर्ट में रिमांड पेश किए जाने की कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो गया है।