तहसील दिवस में अधिवक्ताओं ने भूमि दलालों के खिलाफ डीएम को दिया प्रार्थना पत्र,अग्रिम कार्यवाही का आदेश
क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

तहसील दिवस में अधिवक्ताओं ने भूमि दलालों के खिलाफ डीएम को दिया प्रार्थना पत्र,अग्रिम कार्यवाही का आदेश।
दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार)विषय-भूमि विकयकर्ता द्वारा तैयार बैनामा दस्तावेज पर अपना हस्ताक्षर व निशान अँगूठा बनाने व सदविश्वास में लेकर छल से तयशुदा सम्पूर्ण प्रतिफल ले लिये जाने के बाद भी रजिस्ट्री कार्यालय पहुँचने से पहले ही चुपके से भाग जाने व मोबाइल बन्द कर देने की शिकायत व उचित कार्यवाही के सम्बन्ध में अधिवक्ता कुलभूषण पाण्डेयं पुत्र स्व० शिवधारी पाण्डेय निवासी मल्देवा ने ग्राम धनौरा प० त० दुद्धी थाना दुद्धी निवासी कुंजबिहारी सिंह पुत्र जवाहिर सिंह नामक व्यक्ति ने अपने ग्राम डुमरडीहा प० व त० दुद्धी जनपद सोनभद्र स्थित अपने खाते की गाटा सं0 1617मि व 1566 कमि के अपने सम्पूर्ण 1/4 अंश की भूमि को दिनॉक 14.08.25 को मु० 875000/- (आठ लाख पचहत्तर हजार) रु० में विक्रय करने का प्रस्ताव प्रार्थी व प्रार्थी की पत्नी श्रीमती माधुरी पाण्डेय के समक्ष अपनी आवश्यकता के तहत रखा। परिणामस्वरुप उपरोक्त विक्रेता के प्रस्ताव को स्वीकार करके समक्ष गवाहान प्रार्थी व प्रार्थी की पत्नी ने उसी दिन अपने भा० स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया दुद्धी के संयुक्त खाते का मु० 100000/- (एक लाख) रु० का चेक संख्या 338512 दिनाँक 14.08.25 बतौर एडवांय दे दिया। तथा एक लिखित इकरारनामा बाबत बैनामा बजरिए नोटरी तहरीर कराया।
घटना दिनाँक 29.09.25 के दोपहर के करीब 12.00 बजे की है। प्रार्थी जो पेशे से अधिवक्ता है, कचहरी दुद्धी में अपना विधिव्यवसाय कर रहा था उसी वक्त उपरोक्त विक्रेता कुंज बिहारी सिंह प्रार्थी के पास आकर तत्काल आज ही रजिस्ट्री बैनामा करवा लेने का यह कहते हुए आग्रह करने लगा कि चूँकि दुर्भाग्य से मेरी पत्नी रॉची में भर्ती है और उसके दवा इलाज के लिए पैसे की सख्त जरुरत है। इसलिए कृप्या करके आप आज ही तयशुदा भूमि का बैनामा करवाकर मुझे सम्पूर्ण प्रतिफल दे दें। ताकि मैं रॉची जाकर समय से अपनी पत्नी का दवा इलाज करा सकूँ। तब प्रार्थी जब बैनामा दस्तावेज तैयार करने की औपचारिकता पूरी करने लगा तब उपरोक्त कुंजबिहारी ने कहा कि पहले मुझे चेक दे दीजिए तभी मैं आपको आधार कार्ड और फोटो दूँगा। प्रार्थी विक्रेता उपरोक्त कुंज बिहारी की बातों पर सदविश्वास करके विकयनामा के तयशुदा प्रतिफल की अवशेष धनराशि मु० 775000/- (सात लाख पचहत्तर हजार) रु० का अपने भा० स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया दुद्धी के संयुक्त खाते का एक चेक सं० 338513 दिनांकित 29.09.25 देदिया।
किन्तु दुर्भाग्यवश उस दिन नेटवर्क फेल होने के कारण स्टाम्प की निकासी नहीं हो सकी। परन्तु अगले दिन दिनोंक 30.09.25 को करीब 10.30 बजे कम्प्यूटराइज्ड स्टाम्प लेकर बैनामा दस्तावेज टाइप होकर पंजीकरण के लिए तैयार हो गया जिस पर उक्त विक्रेता कुंजबिहारी व केत्री / प्रार्थी की पत्नी श्रीमती माधुरी पाण्डेय के साथ दोनो गवाह कमशः योगेश पाण्डेय पुत्र राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय निवासी रामनगर दुद्धी एवं माधो प्रसाद पुत्र झुरई निवासी डुमरडीहा दुद्धी ने अपना-अपना हस्ताक्षर बनाकर दस्तावेज तैयार करने के उपरान्त जब पंजीयन के लिए श्रीमान जी के समक्ष उपस्थित होने के लिए कार्यालय में प्रवेश करने लगे तभी कुंजबिहीरी सिंह ने बाथरुम / पेशाब करने के बहाने से वहाँ से हट गया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। तब प्रार्थी व उपस्थित स्थानीय गवाहों ने विक्रेता कुंजबिहारी को बहुत खोजा व पता लगाने का प्रयास किया किन्तु न तो उनका पता ही चल पाया और न ही अपना मोबाइल ही ऑन किया। करीब 12.30 बजे उक्त कुंज बिहारी ने अपने मो० नं0 9575643404 को स्विव ऑन करके प्रार्थी को फोन पर धमकी दिया कि साले अब मैं तुमसे चेक भी प्राप्त कर चुका हूँ और जमीन का बैनामा भी नहीं करूँगा। यदि तुम थाना पुलिस में शिकवा शिकायत करोगे तो तुम जिन्दा नहीं बचोगे। हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। तब लाचार होकर प्रार्थी अपने व अपनी पत्नी के साथ विक्रेता कुंजबिहारी द्वारा किये गये छल व धन के गबन तथा दिये गये धमकी की सूचना दिया हैं। और निवेदन किया हैं कि उपरोक्त विक्रयशुदा भूखण्डों के बाबत तैयार बैनामा दस्तावेज का नियमानुसार बलात पंजीकरण कराया जाना तथा काश उपरोक्त छली फार्डे कुंजबिहारी द्वारा किसी अन्य को झांसे में लेकर उपरोक्त विक्रयशुदा भूखण्डों के बाबत कोई अन्य बैनामा दस्तावेज प्रस्तुत करे तो उसे विवादास्पद होने के कारण पंजीकरण न किया जाना तथा इस मामले की शिकायत पुलिस प्रशासन से करते हुए वैधानिक कार्यवाही किया जाना आवश्यक एवं न्यायसंगत होगा।इस सम्बंध में सूबे के मुखिया जिलाधिकारी सोनभद्र ने सम्बंधित अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही करने की आदेश दी हैं।
मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं में दुद्धी बार के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव,पूर्व अध्यक्ष रामपाल जौहरी,पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण पांडे,अरुणोदय जौहरी,पूर्व सचिव अशोक कुमार गुप्ता, छोटेलाल अग्रहरि के अलावा अन्य अधिवक्ताओं में विष्णु,राकेश तिवारी,अधिवक्ता राजेश रंजन,योगेश चंद्र पांडे,सूर्यकांत तिवारी,नरेंद्र गुप्ता,व दर्जनों अधिवक्ताओं मौजूद रहें।
