1 min read

अपराधों पर पर्दा डालने वाले बन गए थाना अध्यक्ष, कैसे बचेगी कप्तान की लाज

Crime Journalist (सम्पादक – सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-डॉ आकृति अग्रहरि

अपराधों पर पर्दा डालने वाले बन गए थाना अध्यक्ष, कैसे बचेगी कप्तान की लाज?

सुलतानपुर – जनपद के चर्चित थानों में शुमार कुड़वार थाना इन दिनों अपराध पर नियंत्रण की जगह “मामलों को दबाने” के लिए सुर्खियों में है। चोरी जैसे गंभीर अपराध को थाना प्रशासन अपराध ही नहीं मान रहा, वहीं मारपीट व छोटे-मोटे मामलों को तहरीर के आधार पर ही निपटाकर फाइल बंद कर दी जाती है।

सूत्रों के अनुसार शाम 6 बजे के बाद थाने के दरोगा व सिपाही थाना छोड़कर शहर में आराम फरमाने चले जाते हैं। कुछ पुलिसकर्मी हाईवे पर ट्रकों से वसूली में जुट जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण खुद ही अपने घर-द्वार की रखवाली करने को मजबूर हैं।
ताज़ा मामला कुड़वार थाना क्षेत्र के पूरे जुराम तिवारी, प्रतापपुर निवासी सुदामा तिवारी अपनी पत्नी के इलाज के लिए लखनऊ गए थे। इसी दौरान उनके घर से 80 किलो सरिया चोरी हो गई। पीड़ित का आरोप है कि गांव के ही अपराधी संतोष उर्फ गोलू पुत्र शंभूनाथ ने यह चोरी की। सहयोगी राहुल पुत्र दुर्गा प्रसाद ने बताया कि संतोष ने मोटरसाइकिल से सरिया चुराकर थाने के पास ही पुलिस संरक्षण में चल रही कबाड़ी की दुकान पर बेच दिया। घटना की तहरीर थाने में दी गई, लेकिन 5 दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं हुआ।

ग्रामीणों का कहना है कि नशेड़ियों, कबाड़ियों और दलालों को थाने की पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए अपराध दर्ज नहीं होते।
जनता की सुरक्षा रामभरोसे
लोगों का कहना है कि थाने के सिपाही और दरोगा रात में विश्राम कर रहे होते हैं। अपराध रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह चाहे जितनी ओवरहॉलिंग करें, लेकिन जब तक थानों का औचक निरीक्षण और रात्रि गश्त की क्रॉस चेकिंग नहीं होगी, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।
अब जनता खुलेआम कहने लगी है कि “अपने सामान की सुरक्षा खुद करें, क्योंकि कुड़वार थाना पुलिस आराम फरमा रही है।