आदिवासी समिति ने पंचायत चुनाव को लेकर सीटों के न्यायपूर्ण आवंटन के संबन्ध में खण्ड विकास अधिकारी को पत्र दिया
क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

आदिवासी विकास समिति ने पंचायत चुनाव 2025-26 में प्रधान पद के सीटों के न्यायपूर्ण आवंटन के संबन्ध में दिया खण्ड विकास अधिकारी को प्राथर्ना पत्र दिया।
प्रधान कार्यालय–770/2, महात्पुरी शिवकुटा प्रयागराज शाखा कार्यालय महारानी दुर्गावती- 20
खण्ड विकास अधिकारी विकास खण्ड-दुद्धी, जनपद-सोनभद्र उ०प्र।
विषयः- पंचायत चुनाव 2025-26 में प्रधान पद के सीटों के न्यायपूर्ण आवंटन के संबन्ध में।
दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार)वर्ष 2025-26 में होने वाले पंचायत चुनावों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत पदों पर सीटों का आवंटन जनगणना के आधार पर विधिसंगत किया जाना आवश्यक है। परंतु पूर्व में वर्ष 2015 एवं 2021 के पचायत चुनावों में जनजात वर्ग हेतु सीटों का आवंटन मनमाने ढंग से किया गया। परिणामस्वरूप अधिक जनसंख्या वार जनपदों में सीटों की संख्या कम कर दी गई, जबकि कम जनसंख्या वाले जनपदों में सीटें की बढ़ा दी गई। यह कार्यवाही संविधान तथा न्याय की मूल भावना के विपरीत है और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय है। उदाहरणस्वरूपः वर्ष 2016 में जनपद सोनभद्र में 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या 3,85,018 थी (प्रतिशत 20.69) अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या सर्वाधिक होने पर भी वर्ष 2015 में केवल 28 तथा वर्ष 2021 में मात्र 30 सीटें ही आवंटित की गई। जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग के जनसंख्या प्रतिशत के आधार पर 131 सीटें जनपद सोनभद्र में होना चाहिए। वही जनपद देवरिया जिसकी अनुसूचित जनजाति की कुल जनसंख्या मात्र 1,09,894 (प्रतिशत 3.54) है. वहा वर्ष 2015 में 52 तथा वर्ष 2021 में 53 सीटें आवंटित की गई।
इस प्रकार प्रदेश के अन्य जिलों में भी सीटों का आवंटन असमान एवं मनमाने ढंग से किया गया, जो सरासर अन्यायपूर्ण है।
आदिवासी समाज के लोगों ने अनुरोध किया हैं कि आगामी पंचायत चुनाव 2025-26 में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर अध्यक्ष तथा सदस्यपदों का निर्धारण करते समय अनुसूचित जनजाति वर्ग की वास्तविक जनसंख्या के बढ़ते क्रम के अनुसार सौर्टी का न्यायोचित आवंटन किया जाए। इससे अधिक जनसंख्या वाले जनपद के साथ नथाय हो सकेगा तथा जनजाति समाज का विश्वास निर्वाचन प्राक्रिया में बना रहेगा।
