Crime journalist (सम्पादक – सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर- आकृति अग्रहरि
पर्यटन विभाग या गुप्त खजाना विभाग!
कार्यालय कहाँ अधिकारी कौन जनता आज तक खोज रही!
सुल्तानपुर – जनपद में एक विभाग ऐसा भी है जिसका नाम तो पर्यटन विभाग है लेकिन उसका कार्यालय कहाँ है, स्टाफ कौन है और अधिकारी कौन हैं यह आज तक जिलेवासियों के लिए पर्यटन का ही विषय बना हुआ है।
अब सवाल यह है कि आखिर पता भी कैसे चले। जब विभाग ने खुद को जनता की नज़रों से गुप्त पर्यटन स्थल घोषित कर रखा हो। ना कोई सूचना, ना कोई सार्वजनिक कार्य, ना किसी योजना का प्रचार, ना बजट का हिसाब
लेकिन मलाई काटने की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता से चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि विभाग ने कई बाहरी आयोजनों और कार्यों में बजट बाँटा, मगर उसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड, सूचना या प्रमाण आम जनता के सामने नहीं आया। आखिर किस आधार पर पैसा दिया गया। किसे दिया गया? कितना दिया गया? और बदले में जिले को क्या मिला? अगर पूरे विभाग की निष्पक्ष जाँच करा दी जाए तो शायद ऐसे पर्यटन निकल आएँ जिनकी कल्पना खुद जिलेवासियों ने भी नहीं की होगी।
सबसे बड़ा सवाल है कि क्या जनपद में पर्यटन विभाग सिर्फ बजट खपाने के लिए बना है या फिर जनता को भी कभी इसका लाभ मिलेगा?
उम्मीद है जिलाधिकारी महोदय इस रहस्यमयी विभाग की तरफ भी नज़र डालेंगे क्योंकि जनता अब जवाब चाहती है सिर्फ फाइलों में घूमता पर्यटन नहीं।
