मुख्य नहर निर्माण में उचित मुआवजा के बाद ही कराएं भूमि रजिस्ट्री,राज्य मंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात,जनचौपाल में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

मुख्य नहर निर्माण में उचित मुआवजा के बाद ही कराएं भूमि रजिस्ट्री,राज्य मंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात,जनचौपाल में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं।

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं एससी/एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने बुधवार को अमवार स्थित फील्ड हॉस्टल में कनहर सिंचाई परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और परियोजना से विस्थापित परिवारों व स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने परियोजना में भूमि उपयोग और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं, पुनर्वास तथा हालिया दर्दनाक घटना की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अधीक्षण अभियंता एसएन पांडेय ने बताया कि मुख्य नहर का निर्माण कार्य जारी है और किसानों से भूमि की रजिस्ट्री कराई जा रही है। शेष 257 विस्थापितों का प्रशासनिक सत्यापन पूरा होने के बाद पुनर्वास पैकेज का वितरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की सुविधा के लिए नहरों को पाइपलाइन में बदलने की तैयारी चल रही है। बैठक में उपस्थित अधिशासी अभियंता विनोद कुमार, नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, चंद प्रकाश जैन, सुरेंद्र अग्रहरि, दीपक कुमार, ईश्वर प्रसाद निराला व फनेश्वर जायसवाल समेत अन्य अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति पर बिंदुवार जानकारी दी।
विस्थापितों व ग्रामीणों ने मंत्री को शिकायतें सुनाईं कि मुख्य नहर के निर्माण में रजिस्ट्री की गई भूमि से अधिक जमीन का उपयोग किया जा रहा है और कई पर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने विस्थापित कॉलोनी को ग्राम पंचायत या नगर पंचायत का दर्जा दिलाकर विकास कार्य कराने, बिजली पानी सड़क व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित कराने तथा डैम के नीचे, लाम्बी व गोहड़ा गांवों में पुल का निर्माण कर आवागमन घटाने की मांग रखी। राज्य मंत्री ने कहा कि भूमि के अनुचित उपयोग व मुआवजे की शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की जमीन का उपयोग नियमानुसार ही हो तथा मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुनर्वास कॉलोनी के लिये नगर पंचायत दर्जा दिलाने हेतु मुख्यमन्त्री से वार्ता करने व विस्थापितों पर दर्ज मुकदमों की वापसी के लिए उचित प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।
उसी दिन राज्य मंत्री ने अमवार चौकी क्षेत्र में कनहर बांध के पास 25 अगस्त को डूबने से हुई आदिवासी छात्रा अंजली की मौत के पीड़ित परिवार से भी मुलाकात कर ढाढ़स बंधाया। मृतका के पिता रमाशंकर व परिजनों ने कहा कि घटना से पहले मृतका के मोबाइल पर किसी एक नंबर से लगातार कॉल व संदेश आ रहे थे और पुलिस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। मंत्री ने मामले की गंभीरता से जांच कराने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह को संबंधित मोबाइल नंबर सर्विलांस के जरिए ट्रेस करने के निर्देश दिए।
दुध्दी के नगवा गांव में आयोजित जनचौपाल के दौरान भी ग्रामीणों ने कई स्थानीय समस्याएं उठाईं , परियोजना के चलते जबरन भूमि हटाने के आरोप, गांव का सामुदायिक शौचालय आठ महीने से बंद होना, पंचायत भवन का नियमित संचालन न होना, लाखों रुपये की लागत से बनी वन वाटिका का टूटना व वनाधिकार पट्टे न मिलना। राज्य मंत्री ने उपजिलाधिकारी अशोक गुप्ता को प्राथमिकता के आधार पर इन शिकायतों का समाधान कराने और डीपीआरओ को फोन कर सामुदायिक शौचालय सहित अन्य समस्याओं के तात्कालिक निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगवा गांव के शेष 252 आदिवासियों को जोत कोड़ के आधार पर पट्टा जल्द दिए जाएंगे।