सीएचसी दुद्धी के डॉक्टरों का तबादला, कुछ में नाराजगी तो कुछ को रिक्त पदों पर बेहतर तैनाती की उम्मीद

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

सीएचसी दुद्धी के डॉक्टरों का तबादला, कुछ में नाराजगी तो कुछ को रिक्त पदों पर बेहतर तैनाती की उम्मीद।

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी के तीन चिकित्सकों सहित जनपद के 15 डॉक्टरों का स्थानांतरण होने के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। जहां कुछ मरीज और स्थानीय लोग इन तबादलों से नाराज दिखे, वहीं कई लोगों ने रिक्त पदों पर योग्य और सेवाभावी चिकित्सकों की तैनाती की उम्मीद जताई है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्यमंत्री एवं जनपद सोनभद्र के प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का प्रथम दुद्धी आगमन के दौरान आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सीएचसी दुद्धी में कई अनियमितताएं और कमियां सामने आई थीं। अस्पताल की दुर्दशा, बाहरी दवा और जांच पर निर्भरता, निजी प्रैक्टिस, वर्षों से बंद पड़े आयुष विभाग, साफ-सफाई की खराब स्थिति और मरीजों के बेड पर चादर तक न मिलने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की है।
आदेश के अनुपालन में सीएचसी दुद्धी के चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सिंह का स्थानांतरण ग्राम कटौली दुद्धी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कूड़ारी चोपन सोनभद्र कर दिया गया है। इसी प्रकार आयुष चिकित्सक डॉ. मिथिलेश कुमार को दुद्धी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोरिया सोनभद्र भेजा गया है, जबकि नवागत डॉक्टर एमीन अंसारी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटौली में स्थानांतरण किया गया है। कुल मिलाकर जनपद के 15 चिकित्सकों का स्थानांतरण स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इन तबादलों को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ स्थानीय व ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे चिकित्सकों के अचानक स्थानांतरण से इलाज की निरंतरता टूट जाएगी, जिससे नियमित मरीजों को परेशानी हो सकती है। इन लोगों का आरोप है कि कई कमियों के लिए केवल डॉक्टर ही जिम्मेदार नहीं थे, बल्कि समुचित संसाधन और प्रबंधन की कमी भी बड़ी वजह रही है।
वहीं दूसरी ओर, कई लोगों का मानना है कि लगातार शिकायतों और निरीक्षणों के बाद स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई जरूरी थी। ऐसे लोग उम्मीद जता रहे हैं कि अब रिक्त हुए पदों पर अनुशासनप्रिय और मरीजों के प्रति संवेदनशील डॉक्टरों की नई पोस्टिंग होगी, जिससे सीएचसी की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। उनका कहना है कि यदि नई तैनाती के साथ-साथ अस्पताल में साफ-सफाई, दवा की उपलब्धता, आयुष विभाग को पुनः शुरू करने और बाहरी जांच पर निर्भरता खत्म करने जैसे मुद्दों पर भी ठोस कदम उठे, तो दुद्धी समेत सैकड़ों गांवों के मरीजों को बड़ा फायदा मिलेगा।
लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि केवल स्थानांतरण से काम नहीं चलेगा, बल्कि सीएचसी में बरसों से चली आ रही कमियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सीएचसी दुद्धी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाए, जिम्मेदारियां तय करे और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करे, तभी इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंच पाएगा।