दुद्धी में सड़क हादसे में संविदा कर्मी की मौत,परिजनों ने निजी अस्पताल और दलालों पर हत्या का लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

क्राइम जर्नलिस्ट/संपादक – सेराज खान

दुद्धी में सड़क हादसे में संविदा कर्मी की मौत,परिजनों ने निजी अस्पताल और दलालों पर हत्या का लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग।

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार।कोतवाली क्षेत्र के गुलालझरिया गांव में शनिवार देर रात एक सड़क हादसे में शिक्षा विभाग के संविदा कर्मचारी रामविचार गोड़ (30) की मौत हो गई, जबकि उनके साले तिलक राज गोड़ (25)मामूली रूप से घायल हुए। परिजनों ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल व दलालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग 11 बजे रामविचार अपने बहन के घर बभनी से अपने साले तिलक राज के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे,की गुलालझरिया प्रधान के घर के पास बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे उतर गई। हादसे में बाइक चालक रामविचार गंभीर रूप से घायल हो गए और पीछे बैठे तिलक राज को मामूली चोटें आईं। ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस बुलाई। एएमटी पंकज और चालक गौतम ने दोनों को सीएचसी दुद्धी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार शुरू हुआ।परिवार का दावा है कि सीएचसी परिसर में सक्रिय कुछ दलालों ने रामविचार की गंभीर स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर रात करीब 1:30 बजे निजी वाहन से निजी अस्पताल ले जाया। वहां उपचार के दौरान लगभग 3:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि निजी अस्पताल प्रबंधन और बिचौलियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए मृतक का शव वापस सीएचसी लाकर प्रतीक्षालय में छोड़ दिया। सुबह चिकित्सकों ने शव मृत पाया और सीएचसी ने पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण स्पष्ट होंगे। मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज और तहरीर के आधार पर शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा है कि आरोपों की सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।परिजन लिखित तहरीर देकर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में दलालों का नेटवर्क ग्रामीण मरीजों को निजी क्लीनिकों में भटकाता है।परिजनों ने बताया कि रामविचार दो भाइयों में बड़े थे, उनकी शादी पिछले वर्ष मिर्जापुर में हुई थी और हाल ही में उन्हें शिक्षा विभाग में संविदा पद पर नौकरी मिली थी। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा छा गया है। परिजन कहते हैं कि अगर पूरा उपचार मिला होता तो जान बच सकती थी।