दुद्धी में दो नाबालिक पुत्रीयो की रचाई जा रही थी शादी चाईल्ड हेल्प लाइन की सतर्कता से रुका मासूमो का बाल विवाह- सुधा गिरी

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

दुद्धी में दो नाबालिक पुत्रीयो की रचाई जा रही थी शादी चाईल्ड हेल्प लाइन की सतर्कता से रुका मासूमो का बाल विवाह- सुधा गिरी।

दुद्धी/सोनभद्र।प्रमोद कुमार –आज बुधवार को जिले के दुद्धी थाना क्षेत्र में बाल विवाह किये जाने की सूचना प्राप्त हुई जिस पर चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट की टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक नाबालिग बालिका की शादी रुकवा दी परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने संबंधित थाने से समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर पहुंची बालिका के परिजनों से आयु संबंधी दस्तावेज मांगे। प्रस्तुत प्रमाण पत्रों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई, चाइल्ड हेल्प लाइन से सुपरवाइजर सुधा गिरी द्वारा मौके पर उपस्थित लोगो को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि क़ानून के अंतर्गत निर्धारित आयु विवाह के लिए लड़की की 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे कम उम्र में किया गया विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। इस अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित/काजी और इसमें शामिल अन्य वयस्कों को 2 साल तक के कठोर कारावास और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि यदि किसी बच्चे का विवाह जबरन कम उम्र में कर दिया जाता है, तो बालिग होने पर वह बच्चा उस विवाह को 2 वर्ष में भीतर शून्य घोषित करवा सकता है। बाल विवाह को बढ़ावा देना या उसमें शामिल होना एक गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है। आवश्यक सलाह दी। उसके उपरांत नियमानुसार कार्यवाही करते हुए दोनो नाबालिक बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया और समिति के आदेश से बाल गृह बालिका रावर्टसगंज मे आवासित कराया गया मौके पर चाइल्ड हेल्प लाइन यूनिट से परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह सुपरवाइजर सुधा गिरी, सत्यम चौरसिया केसवर्कर बजरंग सिंह सहित अन्य लोग रहे उपस्थित रहें।