क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

दुद्धी स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग,तीन प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे अलग‑अलग ज्ञापन।
दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को दुद्धीनगर रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के दुद्धी में ठहराव की मांग का ज्ञापन सौंपा गया। दुद्धी नगरपंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट कुलभूषण पांडेय और समाजसेवी अभय सिंह ने अलग‑अलग ज्ञापन सौंपे। प्रत्येक पत्र में दुद्धी स्टेशन पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें ठहराने की मांग की गई।तीनों प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से मंत्री को यह ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया है कि दुद्धी विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश के साथ-साथ झारखंड, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमाओं के निकट स्थित है और यहाँ आदिवासी आबादी अधिक है। दुद्धीनगर रेलवे मार्ग से कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन इनमें से किसी का भी दुद्धी स्टेशन पर ठहराव नहीं है। उच्च शिक्षा के लिए दुद्धी से कोटा (राजस्थान) और भोपाल (मध्यप्रदेश) में विद्यार्थियों का आवागमन रहता है, वहीं बेहतर चिकित्सा व व्यावसायिक कारणों से लोग दिल्ली भी जाते हैं। किन्तु दुद्धी से नजदीकी बड़ा रेलवे हब 175 किलोमीटर दूर होने के कारण यात्रियों को वाराणसी या पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर तक जाना पड़ता है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में तत्काल ठहराव के लिए ट्रेनों में शामिल 12873/12874 रांची–आनंद बिहार (स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस),19607/19608 कोलकाता–अजमेर,13025/13026 हावड़ा–भोपाल,19413/19414 कोलकाता–अहमदाबाद,रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस प्रस्तावित ट्रेनें है।
अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि इन ट्रेनों को प्राथमिकता के आधार पर दुद्धी नगर स्टेशन पर ठहराव दिया जाए, ताकि आदिवासी प्रधान इस क्षेत्र की जनता विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ठहराव मिलने से छात्र-छात्राओं की शिक्षा, व्यवसायिक गतिविधियाँ और बेहतर चिकित्सा के लिए आवागमन सुगम होगा।
ज्ञापन प्राप्त करते ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे ग्रहण किया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद रेलवे प्रशासन से समन्वय कर कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया।
