क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

बढ़नीनाला पर अतिक्रमण के चलते नहर-नाला बंद, ग्रामीणों का जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग।
दुद्धी (सोनभद्र) प्रमोद कुमार –नगर पंचायत स्थित बढ़नीनाला के नाले और नहर पर कथित रूप से हुए बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे व पक्के निर्माण के कारण स्थानीय किसानों और निवासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दो अलग-अलग प्रार्थना पत्रों के माध्यम से स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली व राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों ने सरकारी नहर व नाले की जमीन पर अवैध निर्माण कर दिया है, जिससे नाले का पानी खेतों में भर गया और कई जगह रास्ता बंद हो गया है।
प्रार्थी नन्दरिशोर प्रसाद ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा है कि गाटा संख्या 949क/0.0350 हे0 (नाली) एवं 949ग/0.1140 हे0 (नहर दुद्धी स्टेट मैनेजर लैण्ड, रिफॉर्म कमीशनर के नाम से दर्ज) पर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है। परिणामस्वरूप पानी प्रार्थी की जमीन में जम रहा है और भूमि जलमग्न होकर निष्प्रयोज्य हो चुकी है। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि तहसील व राजस्व टीम द्वारा 02.05.2026 को मौके पर जाकर नाले की चौड़ाई 16 फीट निर्धारित की गई, पर अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया नहीं गया और जेसीबी से आंशिक ही खुदाई की गई। साथ ही प्रार्थी ने कहा कि अतिक्रमणकर्ता के दबाव में राजस्व टीम सीमांकन में फेरबदल कर नाले का शुद्ध सीमांकन रोक रही है। तहसीलदार के कथन के हवाले से प्रार्थी लिखते हैं कि “पक्के निर्माण को हम नहीं तुड़वा सकते” जिसे प्रार्थी ने गैरसंगत बताया है। अतः उन्होंने नहर/नाला की भूमि का सही सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने व नाला तथा रास्ता बनवाने की मांग की है।
वहीं दूसरे प्रार्थनापत्र में वार्ड नंबर 11 निवासी संदीप कुमार ने उपर्युक्त घटनाक्रम की पृष्ठभूमि देते हुए दावा किया है कि 19.05.2026 को उप-जिलाधिकारी के निर्देशानुसार पैमाइश टीम ने पारदर्शी तरीके से पैमाइश प्रारम्भ की थी, पर स्थानीय लेखपाल ने अतिक्रमणकर्ता के साथ मिलीभगत कर वास्तविक पैमाइश रोक दी। प्रार्थी का आरोप है कि लेखपाल द्वारा 21.05.2026 को उच्च अधिकारियों को भ्रामक और मनगढ़ंत आख्या भेजने का प्रयास हुआ, जिससे पैमाइश प्रोसेस बाधित हुई। साथ ही उप-जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने पर नहर पर बने अवैध परिसर को बंद कराया गया था, पर लेखपाल ने कुछ व्यक्तियों को बरगलाकर स्थिति बिगाड़ने का प्रयास किया। इस पत्र में लेखपाल के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और उन्हें तत्काल हटाकर निष्पक्ष राजस्व अधिकारी द्वारा पुनः पैमाइश कराने की भी मांग की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवेदक ने 13.04.2026 और 04.04.2026 को भी अधिकारियों को सूचना दी थी, पर समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। दोनों प्रार्थनापत्रों में प्रशासन से तेजी से कार्रवाई की गुहार लगाई गई है ताकि नहर-नाले का वास्तविक स्वरूप बहाल किया जा सके और वर्षा के मौसम में बाढ़ नियंत्रण सुनिश्चित हो सके।
प्रशासनिक कदम में दुद्धी तहसील और राजस्व टीम ने पहले भी सीमांकन कर आंशिक कार्यवाही की सूचना दी है, पर अतिक्रमण हटाने और पक्के निर्माण को तोड़ने में देरी पर स्थानीय लोग नाराज़ हैं।
