क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

• जनगणना में आदिवासी धर्म कोड शामिल हो
• सोनभद्र से पूंजी पलायन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत 8 सूत्रीय मांगों पर चलेगा अभियान
• दो दिवसीय बैठक में हुआ फैसला
म्योरपुर, सोनभद्र 9 जून 2026, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट और रोजगार सामाजिक अधिकार अभियान की बैठक रासपहरी स्थित कार्यालय पर दो दिन चली। बैठक में म्योरपुर से शुरू कर पूरे जनपद में संपर्क संवाद यात्रा चलाने का निर्णय हुआ। इस यात्रा में जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और पिछड़ा वर्ग की जाति का कालम जोड़ने, सोनभद्र से पूंजी पलायन पर रोक, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की लूट पर रोक एवं महिला स्वयं सहायता समूहों व नौजवानों को उद्यम लगाने के लिए 4 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेंशन, भूमिहीन को आवासीय जमीन के अधिकार की गारंटी, कोल व धांगर को आदिवासी का दर्जा देने, अतिपिछड़ों को अलग आरक्षण कोटा, वनाधिकार कानून का पालन, प्राकृतिक संसाधनों की लूट व निजीकरण बंद करने, पर्यावरण की रक्षा और दलित-आदिवासी के विकास का बजट बढ़ाने के लिए अरबपतियों की सम्पत्ति पर टैक्स जैसी आठ सूत्रीय मांगों को हर घर तक पहुंचाने और इस पर जन संवाद करने का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वयोवृद्ध आदिवासी रन शाह गोंड और बिरझन गोंड ने की और संचालन कृपाशंकर पनिका व रामकृष्ण बैगा ने किया। बैठक में सोशल मीडिया टीम भी बनाई गई।
बैठक में मौजूद आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दो सवाल प्रमुख रूप से उभरे हैं। पहला रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य के सवाल पर नौजवानों का आक्रोश उभर कर सामने आया है। दूसरा आदिवासी समाज की तरफ से अपनी पहचान के लिए 1961 से पहले जनगणना में शामिल आदिवासी धर्म कोड का कालम इस समय चल रही जनगणना में देने मांग उठ रही है। हमें इन सवालों पर जमीनी गोलबंदी करने और जनता को जागृत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों और अरबपतियों की सम्पत्ति पर टैक्स लगाकर इतनी पूंजी जुटाई जा सकती है जिससे हर नागरिक के लिए रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य, पेंशन और भूमिहीन के आवास के सवाल को हल किया जा सके। इससे दलितों आदिवासियों के विकास के लिए दिए जा रहे अत्यंत कम सबप्लान बजट को भी बढ़ाया जा सकता है और अति पिछड़ों के लिए भी बजट दिया जा सकता है।
बैठक में दिनकर कपूर, राजेश सचान, सविता गोंड, राजेंद्र प्रसाद गोंड, इंद्रदेव खरवार, रूबी सिंह गोंड, राम किशुन गोंड, दया शंकर गोंड, बलबीर सिंह गोंड, मंगरू प्रसाद श्याम, देवकुमार खरवार, मनोहर गोंड, बेचन गोंड, महावीर गोंड, राम विचार गोंड, गम्भीरा गोंड, गुंजा गोंड, सुगवंती गोंड ने अपनी बात रखी।
