डीजीसी-क्रिमिनल की निगरानी याचिका पर आदेश सुरक्षित

Crime journalist (सम्पादक -सेराज खान) ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-आकृति अग्रहरि

डीजीसी-क्रिमिनल की निगरानी याचिका पर आदेश सुरक्षित!

सीजेएम कोर्ट से सिपाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश को जिला जज कोर्ट में दी थी चुनौती!

सुल्तानपुर – युवक को थाने ले जाकर प्रताड़ित करने एवं उसे छोड़ने के नाम पर दस हजार की रिश्वत मांगने समेत अन्य आरोपो से जुड़े मामले में सीजेएम कोर्ट से सिपाही अरुण कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश के खिलाफ डीजीसी (क्रिमिनल) की तरफ से पेश की गई निगरानी याचिका के अंगीकरण के बिंदु पर मंगलवार को सुनवाई की तारीख नियत रही। जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने अंगीकरण के बिंदु पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित कर लिया है। बुधवार को अदालत का आदेश सामने आने की उम्मीद है।
शिवगढ़ थाने के शम्भूगंज चौकी अंतर्गत स्थित सरैया अम्बर सिंह गांव की रहने वाली संगीता देवी ने गत 20 मार्च की शाम करीब पांच बजे की घटना बताते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। उनके आरोप के मुताबिक शिवगढ़ थाने में तैनात आरोपी सिपाही अरुण कुमार एवं तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों ने उनके पति अमर बहादुर को थाने ले जाकर मारापीटा एवं दस हजार की रिश्वत लेकर छोड़ा था। सीजेएम नवनीत सिंह की कोर्ट ने आरोपी पुलिस कर्मियों के वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट तलब किया था,पर अधिकारियों ने कोर्ट को रिपोर्ट भेजना जरूरी नहीं समझा था और कई पेशियो बाद भी रिपोर्ट नहीं पेश की गई थी। नतीजतन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए नामजद सिपाही अरुण कुमार व तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए शिवगढ़ थाना प्रभारी को गत 19 जून को आदेश दिया था। साथ ही सीजेएम कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर काफी टिप्पणी भी किया था। सीजेएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ निगरानी याचिका पेश करते हुए करीब डेढ़ महीने बाद जिला जज की अदालत में चुनौती दी गई है,जिसमें अंगीकरण के बिंदु पर ही पेंच फंसा हुआ है।