क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

दुद्धी सीएचसी पर प्रभारी मंत्री का औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी।
दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। जनपद के दुद्धी में पहले दौरे पर आए प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने बुधवार को दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। सीएचसी में गंदगी, इमरजेंसी की अव्यवस्था और मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव को देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान टीकाकरण केंद्र बंद मिला। इमरजेंसी वार्ड और अन्य वार्डों में कई मरीजों के बेड पर चादर तक नहीं थी। प्रभारी मंत्री ने मरीजों से सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली, जिस पर कई मरीजों ने नाराजगी जाहिर की। ऊपरी तल का निरीक्षण करते वक्त भी साफ-सफाई की दुर्दशा और रखरखाव की कमी सामने आई। इस पर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी से कड़ा असंतोष प्रकट किया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
इस दौरान भाजपा नेता भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते नजर आए। भाजपा नेता कृष्ण कुमार अग्रहरि ने आयुष विभाग में विगत कई वर्षों से दवाओं के अभाव में सेवाएं ठप रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि आयुष विभाग की दवाएं न मिलने से वर्षों से यहां उपचार व्यवस्था लगभग बंद पड़ी है, जिससे सैकड़ों गांव के मरीज प्रभावित हैं।
दुद्धी नगर पंचायत चेयरमैन कमलेश मोहन ने अस्पताल में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र पदों को भरने की मांग की।
भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के संयोजक जितेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने प्रभारी मंत्री के समक्ष बाहरी दवा लिखे जाने, बाहरी जांच कराए जाने और चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस के आरोपों को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि सीएचसी सैकड़ों गांवों के लिए प्रमुख अस्पताल है, ऐसे में मरीजों को मजबूरन बाहरी दवा और जांच करानी पड़ रही है, जो गरीबों के साथ बड़ी ज्यादती है।उन्होंने अस्पताल के अधिकांश कक्ष देखा और तत्काल सुधार की बात कही।
भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शाह ने अल्ट्रासाउंड सुविधा तत्काल शुरू कराने, मशीन और तकनीशियन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
निरीक्षण के दौरान पूर्व भाजपा जिला मंत्री दिलीप पांडे,उपजिलाधिकारी रवि पासवान,विनय प्रभारक साहनी क्षेत्राधिकारी (सीओ) दुद्धी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह,बीपीएम संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गरीब आदिवासी लोग इलाज हेतु आते हैं उनकी समुचित इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि तय समय सीमा में व्यवस्थाएं सुधारें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
