इलाज के अभाव में दम तोड़ती जिंदगी: वाराणसी से लौटने के बाद महिला की दुद्धी सीएचसी में मौत

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

इलाज के अभाव में दम तोड़ती जिंदगी: वाराणसी से लौटने के बाद महिला की दुद्धी सीएचसी में मौत

आयुष्मान कार्ड एक्टिवेट न होने और आर्थिक तंगी के कारण समय पर नहीं मिला सही इलाज, अनाथ हुए तीन बच्चे

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के दावों के बीच जमीनी हकीकत आज भी बेहद कड़वी है। इसका एक दर्दनाक उदाहरण आज दुद्धी क्षेत्र में देखने को मिला, जहां आयुष्मान कार्ड एक्टिवेट न होने और आर्थिक तंगी के कारण समय पर सही इलाज न मिल पाने से एक बेबस महिला ने दम तोड़ दिया। क्षेत्र के मझौली गांव निवासी राजकुमारी (40)पत्नी स्वर्गीय हरिकिशुन पनिका की गुरुवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद उसके तीन बच्चों के सिर से मां का साया भी उठ गया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 5 दिन पूर्व राजकुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। आनन-फानन में परिजन उन्हें रात में ही गांव के ही एक निजी अस्पताल ‘नगीना मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ और स्थिति गंभीर होने लगी, तो डॉक्टरों ने उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल और फिर वहां से एक अन्य अस्पताल ले गए।
वाराणसी के अस्पताल में दो दिनों तक भर्ती रहने के बाद भी महिला के स्वास्थ्य में कोई सकारात्मक सुधार नहीं दिख रहा था। वहीं दूसरी ओर, निजी अस्पताल का भारी-भरकम खर्च परिजनों के बजट से बाहर हो रहा था। परिजनों ने बताया कि उनके पास सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ का कार्ड तो था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह एक्टिवेट नहीं था। कार्ड एक्टिवेट न होने के कारण उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी। एक तरफ बीमारी का बढ़ता प्रकोप और दूसरी तरफ कंगाली की मार, आखिरकार बेबस परिजन पैसे के अभाव में महिला को वापस घर ले आए।
गुरुवार शाम करीब 4 बजे महिला की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे। वहाँ मौजूद डॉक्टर मनोहर सिंह ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन अभी एम्बुलेंस की व्यवस्था कर जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि शाम करीब 5 बजे अस्पताल परिसर में ही राजकुमारी ने दम तोड़ दिया।
महिला की अचानक हुई इस मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आयुष्मान योजना के जमीनी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।