निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक का मौत का मामला गरमाया,नोडल टीम ने मौके पर जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया संकेत

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक का मौत का मामला गरमाया,नोडल टीम ने मौके पर जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया संकेत।

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार।स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के गुलालझरिया गांव में कोन थाना क्षेत्र निवासी शिक्षा विभाग के संविदा कर्मचारी रामविचार गोड़ पुत्र भोला सिंह की 14 जून की देर रात हुई सड़क दुर्घटना के बाद उपचार और मौत को लेकर परिजनों की शिकायतों के बाद मंगलवार को सोनभद्र से भेजी गई नोडल अधिकारी की टीम दुद्धी पहुंची और घटनास्थल तथा संबंधित निजी अस्पताल व सीएचसी की जमीनी जांच की। टीम ने कहा कि मामले में तथ्यात्मक जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मामले के प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार मृतक के पिता भोला सिंह ने दुद्धी थाने में लिखित तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने स्थानीय एक निजी अस्पताल तथा वहां सक्रिय दलालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। तहरीर में कहा गया है कि सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल रामविचार का प्रारम्भिक उपचार सीएचसी दुद्धी में चल रहा था। आरोप है कि रात के दौरान सीएचसी परिसर में मौजूद कुछ दलालों ने परिजनों को बेहतर इलाज का भरोसा देकर रामविचार को निजी वाहन से अपने निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान तड़के उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल के प्रबंधन और बिचौलियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए शव वापस बाइक से सीएचसी लाकर प्रतीक्षालय में छोड़ दिया, जहां सुबह चिकित्सकों ने शव मृत पाया।
सीएमओ के निर्देश पर दुद्धी पहुंचे नोडल टीम के प्रतिनिधि गुलाब शंकर यादव ने बताया कि उन्होंने संदिग्ध निजी अस्पताल का जायजा लिया, पर अस्पताल बंद था और वहां कोई चिकित्सक या स्टाफ मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि सीएचसी से मरीजों को बिना प्राधिकारी जानकारी के निजी संस्थानों में ले जाना गैरकानूनी है और यह सरकारी इलाज व्यवस्था में बाधा डालने जैसा है।उन्होंने बताया कि डीएम चर्चित गोड़ के निर्देशानुसार सभी अस्पतालों की जांच की जाएगी, जो सुविधाएं मानक अनुरूप नहीं हैं या अवैध ढंग से संचालित हो रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गुलाब शंकर यादव ने आगे कहा कि डीएम के निर्देश के अनुसार हर अस्पताल में चिकित्सक की उपस्थिति अनिवार्य है और मान्य अस्पतालों में तीन बार जांच में चिकित्सक अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि दुद्धी सीएचसी में भी जांच करायी जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नोडल अधिकारी ने दुद्धी कोतवाली में तहरीर दे कर मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस से मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रभारी निरीक्षक दुद्धी धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें तहरीर प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि प्राप्त तहरीर और जुटाई गई जानकारी के आधार पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।