रेशम विभाग द्वारा कीटपालन के समय जीवनसुधा एवं एल एस एम के वैज्ञानिक की प्रयोग के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी दि गई

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

रेशम विभाग द्वारा कीटपालन के समय जीवनसुधा एवं एल एस एम के वैज्ञानिक की प्रयोग के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी दि गई।

दुद्धी/सोनभद्र।प्रमोद कुमार।केन्द्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे, मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के अन्तर्गत वैज्ञानिक डी डॉ हरेन्द्र यादव केन्द्रीय टसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नगड़ी राँची झारखंड के नेतृत्व में दिनांक 10/9/26 को तसर रेशम उत्पादन में बढ़ोतरी हेतु राजकीय रेशम फार्म हीराचक एवं गरदरवां में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोनों कार्यक्रम हीराचक में श्री रमाशंकर सिंह गोंड, गरदरवा में मुख्य अतिथि श्री मति कविता देवी जिला पंचायत सदस्य धनौरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी आगंतुकों का स्वागत एवं संचालन श्री नागेन्द्र राम सहायक निदेशक रेशम सोनभद्र द्वारा किया गया। सभी कृषकों को विभागीय सहायता योजना, सहकारी समिति के कार्य, रेशम के साथ अन्य कार्यों से होने वाले आय तथा कीटपालन की वैज्ञानिक पद्धति से भी अवगत कराया गया। वर्तमान वर्ष में लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अवगत कराया गया । डॉ हरेन्द्र यादव द्वारा चाकी कीटपालन एवं कीटपालन के समय जीवनसुधा एवं एल एस एम के वैज्ञानिक प्रयोग के बारे में विस्तृत तकनीकी जानकारी दिया गया। सभी वक्ताओं द्वारा वैज्ञानिक तकनीकी अपनाकर कीटपालन, करने एवं सह उत्पाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। द्वय मुख्य अतिथि एवं ग्राम प्रधान गरदरवा द्वारा तसर कीटपालन , कीटाण्ड उत्पादन के साथ धागा उत्पादन कर आय अर्जित करने हेतु ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों को जुड़कर लाभ लेने की अपील की गई । श्री सुरेश कुमार सहायक रेशम विकास अधिकारी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।