क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में दोनों बार ने तीन दिन में सूचना भेजने का किया आग्रह।
दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार । माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा याचिका के अनुपालन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने समस्त संबद्धीकृत बार एसोसिएशनों को निर्देश दिए हैं कि जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों की प्राथमिकी दर्ज है, जो चार्जशीटेड हैं या जिनके विरुद्ध विचारण लंबित है, उनकी सूची 15 दिनों में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजी जाए।
इसी निर्देश के परिप्रेक्ष्य में दुद्धी बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन, दुद्धी के अध्यक्षों कुलभूषण पांडे और रामलोचन तिवारी ने आज गुरुवार को एक संयुक्त सूचना जारी की है। सूचना में सभी सम्मानित अधिवक्ता बन्धुओं से आग्रह किया गया है कि यदि उनके विरुद्ध कोई गंभीर अपराध से संबंधित प्राथमिकी दर्ज है, वे चार्जशीटेड हैं या उनके विरुद्ध विचारण मुकदमा लंबित है तो वे तीन दिनों के भीतर अपनी स्थिति बार को सूचित करें।
सूचना में कहा गया है कि यह जानकारी उच्च न्यायालय के आदेश तथा बार काउंसिल के निर्देशों के अनुपालन के लिए आवश्यक है और समय पर सूचना न देने की जिम्मेदारी संबंधित अधिवक्ता स्वयं पर होगी। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बार एसोसिएशन द्वारा सूची न भेजने या आदेश की अवहेलना करने पर उनका सम्बद्धीकरण बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा निरस्त किया जा सकता है तथा ऐसे बार एसोसिएशन के सदस्यों को बार काउंसिल द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा और उच्च न्यायालय को इसकी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।प्राप्त सूचनाओं को गोपनीयता के साथ संकलित कर आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार भेजा जाएगा।
प्रभावित अधिवक्ताओं को तीन दिनों के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध दिया गया है।
