बिजली संकट से बेहाल दुद्धी: आधे घंटे का आश्वासन फेल, दिनभर अंधाधुंध कटौती जारी

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

बिजली संकट से बेहाल दुद्धी: आधे घंटे का आश्वासन फेल, दिनभर अंधाधुंध कटौती जारी।

दुद्धी(सोनभद्र)प्रमोद कुमार। प्रदेश सरकार द्वारा शेड्यूल जारी होने के बावजूद दुद्धी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अनियोजित ढंग से बाधित बनी हुई है। सोमवार की देर रात दर्जनों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग जाम कर दिए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हल्की बूंदाबांदी में भी कस्बा सहित आस-पास के क्षेत्रों में बिजली 36 से 40 घंटे तक नहीं रही, जिससे लोग बेहाल हो गए हैं।
सूचना मिलने पर एसएसआई संजय सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की और बिजली विभाग के स्थानीय कर्मियों से स्थिति का जायज़ा लिया। लोगों को आश्वस्त करते हुए एसएसआई संजय सिंह ने आधे घंटे में बिजली बहाल करने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम खोल दिया।
लेकिन एसएसआई के आधे घंटे के आश्वासन के बाद भी बिजली नहीं आई। बिजली देर रात 12 बजे के बजाए तड़के सुबह आई और लगभग एक घंटे बाद फिर चली गई। उसके बाद पूरे दिन अंधाधुंध कटौती जारी रही, जिससे लोगों की परेशानियाँ बढ़ती रही।
भाजपा नेता सुरेंद्र अग्रहरि के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इन दिनों गर्मी और उमस बढ़ी हुई है और विभाग द्वारा बिजली की अंधाधुन कटौती की जा रही है। जब शिकायत की जाती है तो फाल्ट का हवाला दिया जाता है या रोस्टर की बात कही जाती है। दिन में बिजली कटती ही रहती है, लेकिन रात के समय कटौती और बढ़ जाती है और इससे नींद अधुरी रह जाती है। लगातार कटने से पंखे-कूलर न चल पाने के कारण बच्चों और बुजुर्गों की तकलीफ बढ़ गई है।इसके अलावा जलकल की मोटरें बंद रहने से नलों पर पानी नहीं आता, लोग पानी के लिए दूर जाना मजबूर हैं।
छोटे दुकानदारों ने कहा कि फ्रिज व डीप फ्रीज़र बंद रहने से सामान बर्बाद हो रहा है और रोज़ाना की आमदनी घट गई है। ग्रामीण इलाकों में ट्यूबवेल व पम्प सेट पर्याप्त समय नहीं चल पाने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रहे है। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि बिजली कटौती के कारण दुकानों को रोज़ाना आर्थिक झटका लग रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के फोन उठते ही नहीं और शिकायतों का कोई त्वरित निवारण नहीं हो रहा। कई बार फोन करने पर केवल आश्वासन मिलता है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र समाधान न हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन व अधिकारियों के घेराव की कार्रवाई करेंगे ।