दुद्धी में संयुक्त टीम की छापेमारी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल;दो निजी अस्पताल सील

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

दुद्धी में संयुक्त टीम की छापेमारी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल;दो निजी अस्पताल सील

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार।नगर में मंगलवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की मौलिक किल्लतें उजागर हो गईं जब जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक कई निजी संस्थानों की औचक जांच की। जांच के बाद दो निजी अस्पतालों को आवश्यक मानकों का पालन न करने पर सील कर दिया गया।
बता दे कि पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को तब सजग होना पड़ा जब बीते दिनों नगर में एक घायल मरीज को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में उसे मृत अवस्था में सरकारी अस्पताल लौटाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए लगातार निजी अस्पताल की जांच और कार्रवाई जारी है ।इसी क्रम में आज मंगलवार को एसडीएम निखिल यादव, नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।
टीम ने सबसे पहले रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित समृद्धि अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां पर पाए गए हालात के मुताबिक अस्पताल पड़ोस के मरीजों को अस्थायी तौर पर इलाज दे रहा था। स्टाफ से पूछताछ के बाद कुछ लोगों को थाने ले जाया गया है और मामले की आगे जांच चल रही है।इसके बाद टीम बढ़नीनाला लौवा नदी रोड सड़क किनारे स्थित सेवा सदन अस्पताल व शिवा अस्पताल की भी कड़ी तलाशी ली गई।टीम शिवा अस्पताल पहुंची जहां कई मरीज भर्ती मिले, पर प्रशासन ने अस्पताल से किसी भी प्रकार की शिफ्टिंग या बदलाव के बारे में सूचना न मिलने पर नाराज़गी व्यक्त की। ओपरेशन थिएटर में आवश्यक मानकों की कमी पाए जाने पर ओटी को सील कर दिया गया। जांच के दौरान इंडियन बैंक के सामने स्थित एक अनधिकृत अस्पताल भी सामने आया। बाहर से ताला लगा मिला। टीम ने ताला तोड़कर अंदर जाने पर एक बच्चा भर्ती होने की जानकारी पाई। अस्पताल के अनदेखेपन पर टीम ने उस संस्थान को भी सील कर दिया।वहीं उस गरीब आदिवासी बच्चे की मां रो उठी; बच्चे को तुरंत एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में भर्ती कराया गया। एसडीएम निखिल यादव ने कहा कि सीएचसी अधीक्षक को बच्चे के बेहतर इलाज का निर्देश दे दिया गया है।
जांच दल में सीएचसी चिकित्साधीक्षक डॉ. शाह आलम, एसआई अमित कुमार सिंह,बीपीएम संदीप सिंह, तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सभी अस्पतालों में आवश्यक मानकों की समीक्षा कर नई गाइडलाइन लागू की जाएंगी ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएँ रोकी जा सकें।