कलेक्ट्रेट में मनरेगा के मजदूर जमकर किए जोरदार विरोध प्रदर्शन –

Crime journalist(टीम)


कलेक्ट्रेट में मनरेगा के मजदूर जमकर किए जोरदार विरोध प्रदर्शन –
मनरेगा के मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर किए जोरदार प्रदर्शन –
सोनभद्र – लॉकडाउन के बाद मनरेगा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के नियत से काम कराया गया। आधे से अधिक गांव के मनरेगा मजदूरों के जॉब कार्ड ग्राम प्रधान के पास पड़े हुए हैं और मनमानी तरीके से जॉब कार्ड भरे जा रहे हैं। लेकिन मनरेगा मजदूरों को मिलने वाले जॉब कार्ड पर न तो उनकी हाजिरी भरी गई और ना ही अभी तक उनके खाते में पैसा आया है ग्रामीणों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों से पैसा लेकर किसी तरह भरण-पोषण की है अब लोग अपने पैसे की डिमांड कर रहे हैं इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे मिली जानकारी के मुताबिक जनपद के नगवा ब्लाक के खड़ुई ग्राम सभा के सैकड़ों की संख्या में मनरेगा मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किए। मनरेगा मजदूरो का कहना है कि लॉकडाउन और उसके बाद परिवार के पूरे सदस्यों के द्वारा मिलकर मनरेगा में काम किया गया। इस दौरान अपने खर्च को चलाने के लिए आसपास लोगों से पैसे भी उतार लिए गए। लेकिन आज तक मनरेगा का पैसा नहीं मिला जब भी ब्लॉक में पैसे की जानकारी लेने के लिए जाते हैं तो बैंक भेज दिया जाता है और बैंक वाले पुनः ब्लॉक पर भेज देते हैं अधिकारी कहते हैं कि 2 महीने रुक जाओ तुम्हारा पैसा आ जाएगा बावजूद इसके अभी तक पैसा नहीं आया। जबकि गांव में जिन लोगों से पैसा लिया गया है वह लोग भी अब अपने पैसे की वसूली करने की धमकियां दे रहे हैं ऐसे में जिलाधिकारी से अपनी समस्या बताने के लिए आए हैं । मनरेगा मजदूरो ने ग्राम प्रधान और पंचायत मित्र के ऊपर भी आरोप लगाया इसके साथ ही ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी आरोप लगाया कि ऐसे भी लोगों के खाते में पैसे चले जा रहे हैं जिन लोगों ने मनरेगा का काम नहीं किया है लेकिन जिन लोगों के द्वारा मनरेगा का काम किया गया है ऐसे लोगों के पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं और जिला अधिकारी को अपनी समस्या बताने के लिए आए हैं।
मनरेगा मजदूरों से काम तो कराया गया है लेकिन जॉब कार्ड में हाजिरी किसी और की और मस्टर रोल में भी हाजिरी को लेकर फेरबदल किया गया है जिसकी वजह से काम करने वाले लोगों के खाते में पैसे नहीं आए हैं जबकि दूसरे लोगों के खाते में पैसे आए हैं और उन लोगों द्वारा पैसा भी निकाल लिया गया है। इन सब के लिए ग्रामीण ब्लॉक के अधिकारियों कर्मचारियों सहित ग्राम प्रधान और पंचायत मित्र के ऊपर आरोप लगा रहे हैं । इन लोगों की मिलीभगत से यह काम हो रहा है और जिन लोगों ने मनरेगा में मजदूरी की है उनको अभी तक भुगतान नहीं हुआ इससे पूर्व भी 3 साल का भुगतान अभी भी पड़ा हुआ है।
अधिकारियों से मिलने के बाद भी इन मजदूरों को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया हर बार की तरह इस बार भी जांच कराकर कार्रवाई करने और मजदूरी दिलाने का आश्वासन तो मिला लेकिन कोई भी अधिकारी इस संदर्भ में अभी कुछ भी कहने को तैयार नहीं।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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