Crime journalist/सम्पादक – सेराज खान

रेनुकूट संवाददाता-नसीम अहमद

भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य मंचित हुआ, पूरा रामलीला मैदान “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

सोनभद्र, रेनुकूट-पुत्रेष्टि यज्ञ से श्रीराम जन्म तक, भक्ति और उल्लास में डूबा हिण्डाल्को रेणुकूट 13-10-2026, रेणुकूट। हिंडाल्को रामलीला परिषद के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन का मंचन श्रद्धा, भक्ति एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मानव संसाधन प्रमुख श्री जसबीर सिंह एवं श्रीमती सीमा सिंह द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश पूजन कर किया गया। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष पी. के. उपाध्याय, सचिव आदित्य प्रकाश पांडेय, कोषाध्यक्ष पद्माकर मिश्रा, निर्देशक राजेंद्र सिंह तथा राजेश सिंह सहित परिषद के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

रामलीला मैदान में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की भारी भीड़ के बीच राजा दशरथ द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ का भावपूर्ण मंचन किया गया। यज्ञ के फलस्वरूप महारानी कौशल्या, कैकेयी एवं सुमित्रा को पुत्ररत्नों की प्राप्ति का प्रसंग अत्यंत आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य मंचित हुआ, पूरा रामलीला मैदान “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात गुरु वशिष्ठ द्वारा चारों राजकुमारों राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न के नामकरण संस्कार का मनोहारी प्रदर्शन किया गया।
अगले दृश्य में गुरु वशिष्ठ के आश्रम में चारों भाइयों की शिक्षा, संस्कार एवं बाल लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया, जिसे दर्शकों ने अत्यंत भावविभोर होकर देखा। इसके उपरांत मुनि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा हेतु श्रीराम एवं लक्ष्मण द्वारा राक्षसों का संहार और उनके अद्भुत पराक्रम का प्रभावशाली मंचन किया गया, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
लीला के समानांतर जनकपुर में पड़े भीषण अकाल और उससे व्यथित प्रजा की स्थिति का मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया गया। इस प्रसंग में राजा जनक द्वारा स्वयं हल चलाने का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तत्पश्चात भूमि से माता सीता के दिव्य प्राकट्य की घटना को अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मंचित किया गया। यह दृश्य इतना मनोहारी था कि उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध होकर भगवान एवं माता सीता के जयकारे लगाने लगे।
कार्यक्रम के अंत में श्री उपाध्याय ने बताया कि तीसरे दिन की लीला में धनुष यज्ञ, परशुराम एवं लक्ष्मण संवाद तथा भगवान श्रीराम एवं माता सीता के विवाह प्रसंग का भव्य मंचन किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए आगामी लीलाओं में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आग्रह किया।