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दुद्धी में कचहरी गेट पर दुद्धी को जिला बनाओ की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

दुद्धी में कचहरी गेट पर दुद्धी को जिला बनाओ की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन।

दुद्धी/सोनभद्र।(प्रमोद कुमार) शनिवार की दोपहर लगभग 1 बजे दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कचहरी गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं व कार्यकर्ताओं ने ‘आवाज दो हम एक हैं’ के नारे लगाते हुए सरकार से दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित करने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की आवाज पिछले कई दशकों से उठ रही है। समिति द्वारा अब तक 30 घंटे का आमरण भूख हड़ताल, 20 किलोमीटर पैदल यात्रा और कई चरणों में धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। उनका कहना रहा कि दुद्धी जिला बनने के सभी मानकों पर खरा उतरता है और यहां से प्रदेश सरकार को भारी भरकम राजस्व की प्राप्ति भी होती है। इसके बावजूद दुद्धी को अब तक जिला घोषित नहीं किया गया।
मोर्चा पदाधिकारियों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र और प्रदेश स्तर के कई मंत्री और राजनीतिक नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था।वक्ताओं ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जिला मुद्दा उठाया और निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से 8 बार विधायक चुने गए। पदाधिकारियों ने कहा, ‘जो अधिवक्ता समाज का बहिष्कार करेगा, उनकी बात नहीं मानेगा। हम लोग जिले को लेकर इतना बड़ा आंदोलन करेंगे कि मुख्यमंत्री को जिला का आश्वासन देना पड़ेगा और दुद्धी जिला बनकर रहेगा। यही हमारा वादा है। पूरा अधिवक्ता समाज, यहां की जनता और यह मांग सांकेतिक नहीं है। यह हड़ताल हर शनिवार को होता रहेगी और जिला बनने तक जारी रहेगी।’
प्रदर्शन में दुद्धी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम चन्द यादव,सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा,पूर्व बार संघ अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव,रामपाल जौहरी, अमरावती देवी, सूर्यकांत तिवारी, सरवर हुसैन, राकेश अग्रहरि, वीरेंद्र अग्रहरि, आशीष गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, श्रीचंद्र, अभिनव जायसवाल, अभिषेक त्रिपाठी, रजनीश सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, संघर्ष समिति और मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद रहे। जुलूस व नारेबाजी के दौरान कचहरी परिसर में माहौल पूरी तरह आंदोलनकारी रंग में रंग गया।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस मुस्तैद रही।