क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त को 15 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा।
दुद्धी/सोनभद्र।प्रमोद कुमार।विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनभद्र श्री ओमकार शुक्ला ने सत्र परीक्षण संख्या 279/2025, राज्य बनाम रमाशंकर में अभियुक्त रमाशंकर पुत्र स्व. शिवभजन, निवासी ग्राम बेलहत्थी टोला पिरहवा, थाना हाथीनाला, जनपद सोनभद्र को दोषसिद्ध ठहराते हुए कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार, दिनांक 26 जनवरी 2025 को अभियुक्त ने नाबालिग पीड़िता के साथ अश्लील हरकत एवं बलात्कार की घटना कारित की। पीड़िता की 14 वर्षीय छोटी बहन के विरोध करने पर उसको रेलवे ट्रैक पर जान मारने की धमकी देते हुए धक्का दे दिया जिससे उसका दाहिना पैर पंजे के ऊपर से कटकर अलग हो गया और उसे गंभीर चोटें आईं। इस संबंध में थाना हाथीनाला पर मुकदमा अपराध संख्या 3/2025 पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान पीड़ितागण का चिकित्सीय परीक्षण, आयु संबंधी अभिलेख, एफएसएल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 12 साक्षियों का परीक्षण कराया गया तथा आवश्यक दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अभियुक्त को धारा 64(1), 74, 117(3), 351(2) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 3/4 पॉक्सो अधिनियम के अपराधों में दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 4 पॉक्सो अधिनियम में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 20 हजार अर्थदण्ड, धारा 117(3) बीएनएस में 15 वर्ष का कठोर कारावास एवं 20 हजार अर्थदण्ड, धारा 74 बीएनएस में 2 वर्ष का कारावास एवं पांच हजार अर्थदण्ड तथा धारा 351(2) बीएनएस में 1 वर्ष का कारावास एवं एक हजार अर्थदण्ड से दंडित किया। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी। अर्थदण्ड की आधी राशि 17 वर्षीय पीड़िता तथा आधी राशि घायल बालिका के पुनर्वास हेतु दिए जाने का आदेश भी पारित किया गया।
राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह द्वारा प्रभावी रूप से किया गया।
