धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन का समर्थन

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

जिला मुख्यालय संवाददाता – एड0 राजेश पाठक

• धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन का समर्थन
• 6 जून को रोजगार अधिकार अभियान चलायेगा एक्स पर कैंपेन
• भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को किया बर्बाद

सोनभद्र, 03/06/2026। सीबीएसई परीक्षा गड़बड़ियों में बुरी तरह घिरी केंद्र सरकार द्वारा चेयरमैन और सचिव का स्थानांतरण पर्याप्त नहीं है। अब यह साफ हो गया है कि सीबीएसई परीक्षा घोटाले और नीट में पेपर लीक की जिम्मेदारी सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है।

इसलिए उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। यदि वह इस्तीफा नहीं देते तो मोदी सरकार को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए। यह मांग रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की वर्चुअल बैठक में उठी। बैठक में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 6 जून को काकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन का समर्थन किया गया और इसी दिन 11 बजे से एक्स कैंपेन चलाने का निर्णय हुआ।
अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति सदस्य सविता गोंड और रूबी सिंह गोंड ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेंशन का अधिकार, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और कारपोरेट व अरबपतियों की सम्पत्ति पर टैक्स जैसे महत्वपूर्ण सवाल भी एक्स कैंपेन में उठाए जायेंगे। कैंपेन का हैशटैग #TaxCorporate_GaurantteeEmployment #EducationMinisterMustResign रखा गया
है। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए देश भर के छात्र-युवा संगठनों व पेपर लीक व रोजगार के सवाल पर जारी आंदोलन के प्रतिनिधियों से संपर्क करने का निर्णय लिया गया है। मीटिंग में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में कहा गया कि भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार ने पिछले बारह वर्षों में देश की पूरी शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करके रख दिया है। विश्वविद्यालय में मनमानी नियुक्तियां, संसद द्वारा बने शैक्षिक संस्थानों को कमजोर करना, दागी प्राइवेट कंपनियों को सीबीएसई जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के बच्चों की कॉपी चेक करने का टेंडर देना और एनटीए जैसी गैर संवैधानिक संस्था को देश की प्रमुख और प्रतिष्ठित परीक्षाओं की जिम्मेदारी देना इसके कुछ एक उदाहरण है। सुप्रीम कोर्ट तक ने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक की जवाबदेही यदि तय की जाती तो इस पर रोक लग सकती थी। अभी भी सरकार अपनी गलतियों से सबक सिखने को तैयार नहीं है। वह शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को बचाने में पूरी ताकत से लगी हुई है। ऐसे में रोजगार अधिकार अभियान ने देश की सभी लोकतांत्रिक ताकतों से अपील की है कि वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए चल रहे आंदोलन को समर्थन दें।

रोजगार अधिकार अभियान संचालन समिति की ओर से!

सविता गोंड व रूबी सिंह गोंड, राष्ट्रीय संचालन समिति
रोजगार अधिकार अभियान।