क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

घूसखोरी और लापरवाही के आरोप में लेखपाल विमलेश कुमार निलंबित।

जमीन सीमांकन के नाम पर 10,000 लेने का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम दुद्धी की सख्त कार्रवाई।

दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। तहसील क्षेत्र में जमीन सीमांकन के नाम पर अवैध धन उगाही के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उप जिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने देवरीहंवा गांव में जमीन पैमाइश के बदले रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल विमलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा मंडल महामंत्री बभनी लक्ष्मी प्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम देवरीहंवा स्थित आराजी संख्या 716/717 के सीमांकन के लिए लेखपाल विमलेश कुमार और राजस्व निरीक्षक राजनाथ द्वारा 25,000 रुपये की मांग की गई थी। बाद में काफी मान-मनौव्वल के बाद 10,000 रुपये लेकर काम करने की बात तय हुई। इस लेनदेन और बातचीत से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया था।
मामले को संज्ञान में लेते हुए नायब तहसीलदार (पूर्वी) से प्राथमिक जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि संबंधित लेखपाल द्वारा आम जनता से सरकारी कार्यों के एवज में अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे शासन और तहसील प्रशासन की छवि धूमिल हुई।
शासकीय कार्यों में लापरवाही और उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन का दोषी पाते हुए एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने लेखपाल विमलेश कुमार क्षेत्र जाबर, तत्कालीन क्षेत्र सतबहनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच नायब तहसीलदार दुद्धी (पश्चिमी) को सौंपी गई है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।