Crime journalist (सम्पादक -सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-आकृति अग्रहरि

चकरपुर में चकरोड निर्माण के नाम पर घोटाले की बू!

पुराने काम को नए नाम से दिखाकर करीब नौ लाख हजम करने का शुरू हुआ काम!

सुल्तानपुर – दुबेपुर ब्लॉक की चकरपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। करीब दो वर्ष पहले निर्मित चकरोड पर दोबारा काम शुरू कराए जाने और पुराने रास्ते को नए नाम से योजना में शामिल कर करीब नौ लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किए जाने का मामला सामने आया हैं।
जानकारी के मुताबिक, दुबेपुर ब्लॉक की चकरपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2024 में करीब 150 मीटर लंबे चकरोड का निर्माण कराया गया था। उस समय मनरेगा योजना से रतिपाल के घर से पटवा के नलकूप तक कार्य हुआ दिखाया गया है, और भुगतान भी एक लाख के ऊपर हुआ है। अब इसी चकरोड पर दोबारा वी-बी रामजी योजना के तहत काम शुरू करा दिया गया है। पहले से निर्मित रास्ते को नए नाम से दर्शाकर करीब नौ लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया। इस बार नाम बदल दिया गया है, कपिल देव के घर से नेवादा इसहाकपुर ग्राम पंचायत की सीमा तक दिखाया जा रहा है। ग्राम प्रधान दीपचंद जायसवाल के मुताबिक, इस कार्य का स्टीमेट भी करीब नौ लाख रुपये का है। जबकि दावा किया जा रहा है कि नेवादा इसहाकपुर की सीमा में आने वाले संबंधित चकरोड का निर्माण वर्ष 2020 में ही कराया जा चुका है। यदि दोनों मार्गों का निर्माण पहले ही हो चुका है, तो नए सिरे से तैयार स्टीमेट में किन कार्यों को शामिल किया गया है और कितनी लंबाई में निर्माण प्रस्तावित है, इसकी जांच जरूरी है। पुराने निर्माण और नए कार्य के अभिलेखों का मिलान किए बिना सरकारी धन खर्च किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
*बीडीओ बोले- जांच कराकर होगी कार्रवाई*
मामले पर दुबेपुर के खंड विकास अधिकारी भावेश शुक्ला ने कहा कि यदि इस तरह का मामला है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह का घोटाला या अनियमितता नहीं होने दी जाएगी।
निरीक्षण के आधार पर जांच होने का इंतजार है। जांच में यदि पुराने निर्माण को दोबारा नया कार्य दिखाकर सरकारी धन खर्च करने या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी होगी।