दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं का कचहरी गेट पर जोरदार प्रदर्शन

क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक-सेराज खान

दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं का कचहरी गेट पर जोरदार प्रदर्शन।

दुद्धी/सोनभद्र।प्रमोद कुमार। ‘दुद्धी को जिला बनाओ’ की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय अधिवक्ताओं ने शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे मुंसिफ कोर्ट के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार पर चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने दुद्धी तहसील की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र तीन प्रांतों से घिरा हुआ है और आदिवासी बाहुल्य, पिछड़ा तथा नक्सल प्रभावित इलाका है। सोनभद्र जिला मुख्यालय से दुद्धी तहसील की दूरी करीब 150 किलोमीटर है, जिससे प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचना आम लोगों के लिए बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने बताया कि दुद्धी जिला बनने के सभी मानदंड पूरे कर चुका है और क्षेत्र से सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होता है, फिर भी इसे जिला का दर्जा नहीं दिया गया। मांग उठी कि सरकार को तत्काल इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग पिछले तीन दशकों से लगातार की जा रही है। चुनावी दौरान प्रदेश और केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन वादे अब तक अधर में लटके हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि चुनावी वादों को पूरा कर दुद्धी को जिला बनाया जाए, ताकि क्षेत्र में तेजी से विकास हो सके और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस प्रदर्शन में पूर्व दुद्धी बार संघ अध्यक्ष प्रेमचंद यादव,राकेश श्रीवास्तव ,पूर्व सिविल बार संघ अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, रामपाल जौहरी,सिविल बार सचिव अंजनी कुमार सिंह,शिव शंकर प्रसाद, आशीष गुप्ता,दुद्धी बार सचिव दिनेश प्रसाद,सुखसागर , अमरावती अमरावती आदर्श कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, मोर्चा के पदाधिकारी और अन्य लोग उपस्थित रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।