शब-ए बारात के मौके पर झांकियों से जगमग हुआ दुद्धी के रजा जामा मस्जिद
क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)
शब-ए बारात के मौके पर झांकियों से जगमग हुआ दुद्धी के रजा जामा मस्जिद।दुद्धी/सोनभद्र।स्थानीय नगर के रजा जामा मस्जिद को शब-ए बारात के मौके पर कमेटी के कार्यकर्ताओं द्वारा झांकियों से जगमगा दिया गया हैं।त्यौहार को लेकर रजा जामा मस्जिद के सदर आलीजनाब रहीम बख़्स उर्फ कल्लन खान ने बताया कि शब-ए बारात का त्यौहार को लेकर दुद्धी जामा मस्जिद को सजाया गया हैं क्योंकि यह त्यौहार बहुत ही पाकीज़गी के साथ अपने अपने घरों को साफ सफाई कर सभी घरों को दिया बत्ती व झांकियों से सजा कर इस त्यौहार को मनाया जाता हैं।
वही केंद्रीय अखाड़ा कमेटी के सदर आलीजनाब फत्तेह मोहम्मद खान ने शब-ए बारात त्यौहार के मद्देनजर बताया कि यह त्यौहार पैग़म्बरे इस्लाम मोहम्मद साहब के एक दीवाने थे जो आशिके रसूल कहा जाता हैं जिनका नाम हज़रत अवेश करनी रजि0 अल्लाहो तआला अन्हु रहें उन्ही के याद में हलवा और दोस्ती रोटी बनाकर उनके नाम से फ़ातिहा कराया जाता हैं,चूंकि हज़रत अवेश करनी रजि0 ने जब सुना कि जंगे बदर की लड़ाई में पैग़मरे इस्लाम मोहम्मद साहब का एक दाँत मुबारक शहीद हो चुका हैं।जब आपने अवेश करनी रजि0 ने सुना तो पैग़म्बर साहब की याद में अपना दाँत मुबारक को एक एक कर शहीद कर दिए और बिना दाँत के हो गए।इतने बड़े आशिके रशूल रहें, जब दुनियां से पर्दा किए हज़रत अवेश करनी रजि0 तब उनके याद में शब-ए बारात के मौके पर गिला हलवा बनाकर उनके नाम से फ़ातिहा होने लगा साथ ही सभी बुजुर्गों के नाम से इसी रात में फ़ातिहा होता हैं।वही कलीमुल्ला खान ने बताया कि इस रात में लोग नमाज़ अदा कर इबादत करते हैं और लोग कब्रिस्तान जाकर अपने अपने बुजुर्गों की कब्र पर फ़ातिहा पढ़ दुवा खानी करतें हैं।
