शहीदों के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब: चन्द्रशेखर आजाद जयंती पर निकली प्रभात फेरी, 31 युवाओं ने किया रक्तदान महादान

Crime journalist (सम्पादक-सेराज खान)

ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर-आकृति अग्रहरि

शहीदों के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब: चन्द्रशेखर आजाद जयंती पर निकली प्रभात फेरी, 31 युवाओं ने किया रक्तदान महादान!

आजाद समाज सेवा समिति ने राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और मानवता का दिया संदेश, शहीदों के बलिदान को किया नमन!

सुल्तानपुर – अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जयंती पर शुक्रवार को आजाद समाज सेवा समिति द्वारा राष्ट्रभक्ति, समाज सेवा और मानवता को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह प्रभात फेरी निकालकर देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया गया। इसके बाद नगर में स्थापित अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विचार गोष्ठी के माध्यम से उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम को स्मरण किया गया।
प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा लेकर “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद अमर रहें” जैसे उद्घोष लगाए। वक्ताओं ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद का जीवन आज भी देश के युवाओं के लिए साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्रोत है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुल्तानपुर स्थित ब्लड बैंक में विशाल रक्तदान महादान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में संस्था के 31 पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने कहा कि रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है और यही सच्ची मानव सेवा है।
रक्तदान शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गुप्ता एवं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संजय सिंह ने किया। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि 18 से 60 वर्ष तक का प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान कर तीन जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, प्रसव और ऑपरेशन के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता किसी परिवार के लिए देवदूत साबित होते हैं। उन्होंने आजाद समाज सेवा समिति की निरंतर सामाजिक सेवा और नियमित रक्तदान अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था समाज में मानवता और सेवा की मिसाल बन रही है।
संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शराफत खान ने अपने संबोधन में कहा कि देश की नई पीढ़ी को अपने महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष एवं बलिदान से परिचित कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विद्यालयों और महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में वीर शहीदों के जीवन और उनके योगदान को अधिक व्यापक रूप से शामिल किया जाए, ताकि युवा पीढ़ी राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और त्याग की भावना से प्रेरित हो सके।
गौ रक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी एवं आजाद समाज सेवा समिति के प्रवक्ता वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम उनके आदर्शों को केवल स्मरण ही न करें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें। रक्तदान महादान केवल मानव सेवा नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का भी सर्वोच्च माध्यम है। जिस प्रकार हमारे वीर शहीदों ने देश के लिए अपना रक्त बहाया, उसी प्रकार आज स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर किसी जरूरतमंद का जीवन बचाकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। समाज में जाति, धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर सेवा, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करना ही शहीदों के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम होगा।”
विचार गोष्ठी में मकसूद अंसारी, ओम प्रकाश गौड़, विजय यादव, दिलीप सिंह, रवीन्द्र तिवारी, गिरीश तिवारी, बब्लू सिंह प्रधान एवं मयंक पाण्डेय सहित अनेक वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने एक स्वर में कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके आदर्शों पर चलकर राष्ट्र और समाज की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
रक्तदान करने वालों में शिवनायक वर्मा, अमित सिंह, हरिकेश यादव, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, फरहान अहमद, विनोद कुमार, दिनेश यादव, प्रिंस यादव, अजीत सिंह, अमित शर्मा, प्रदीप मौर्य, अक्षय सालुंके, माजिद अली, मो. तौफीक, सर्वेन्द्र सिंह, रोहित, सुशील प्रजापति, राजकरन, मनोज सोनी, निमेष मिश्रा, ऋषभ सिंह, राजेन्द्र पटवा, शरद त्रिपाठी, पवन शर्मा, लालचंद्र टिकावर, प्रदीप सिंह, रंजीत सिंह, बदरुद्दुजा एडवोकेट, राजेश सिंह, राजगोपाल मौर्य एवं अमर बहादुर पाल सहित कुल 31 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।
इस अवसर पर मसूद अहमद (बीडीसी), शैलेश वर्मा, अजय सिंह, मो. अहमद, धर्मेन्द्र जायसवाल, मोइद खान, मो. यूनूस, सुरेश सोनी, बब्बन गाजी, विनोद रावत, विद्या प्रकाश शुक्ला, सरदार सतपाल सिंह, सरदार जे.पी. सिंह, जितेन्द्र तिवारी, आशीष मिश्र ‘महाकाल’, रजा अब्बास जैदी, अनिल सिंह एडवोकेट, अशोक तिवारी, अब्दुल हक, रवीन्द्र बहादुर सिंह, हंसराज यादव, अब्दुल मन्नान सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं युवा मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद सहित भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी वीर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा संकल्प लिया कि राष्ट्रहित, समाज सेवा, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते हुए उनके सपनों का सशक्त और समरस भारत बनाने में अपना योगदान देंगे!