क्राइम जर्नलिस्ट/सम्पादक – सेराज खान

विजयदशमी पर दुद्धी में 51 फीट ऊंचे रावण का दहन, राम-रावण युद्ध और रावण के ‘नीति ज्ञान’ का प्रसंग रहा आकर्षण का केंद्र।
दुद्धी (सोनभद्र)प्रमोद कुमार। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व विजयादशमी पर कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में भव्य आयोजन हुआ। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। मंचन के दौरान रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान के प्रसंग ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।
दोपहर बाद कस्बे व आसपास के गांवों के प्रमुख मंदिरों व पूजा स्थलों से मां दुर्गा एवं अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं तथा झांकियां गाजे बाजे और डीजे के साथ शोभायात्रा के रूप में रामलीला मैदान पहुंचीं। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और पूरा कस्बा ‘जय श्री राम’ व मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा।
इस दौरान रामलीला मैदान पर भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच रोमांचक युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के अंत में रावण द्वारा लक्ष्मण को दिए गए नीति ज्ञान का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें रावण ने अच्छे कार्य में विलंब न करने, बुरे कार्य को टालते रहने और शत्रु को कभी कमजोर न समझने जैसे जीवन के महत्वपूर्ण पाठ दिए। इसके अलावा अपने रहस्य किसी को न बताने की सीख भी प्रसंग में शामिल रही।
मान्यता है कि रावण अत्यंत ज्ञानी और नीतिज्ञ था,इसीलिए युद्ध के अंतिम समय में भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान लेने के लिए भेजा था। रामलीला में इस प्रसंग को दर्शकों ने खूब सराहा।
संध्या ढलते ही रामलीला मैदान में 51 फीट ऊंचा विशाल रावण पुतला खड़ा किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा बाण छोड़ते ही पुतला धू-धू कर जल उठा और आतिशबाजी के साथ मैदान हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।
आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हरिराम चेरो ने रामलीला के भव्य आयोजन की सराहना की और उन्होंने अपने संबोधन में अगले वर्ष लेजर लाइट तकनीक से रावण दहन कराया जाने का आश्वासन दिया।वहीं कमलेश मोहन ने नगर के विकास का खाका खीजा और स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी विकास को प्राथमिकता बताया।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रहरी और महामंत्री सुरेन्द्र गुप्ता अपनी टीम के साथ व्यवस्थाओं में लगे रहे। प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह व उप निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेला क्षेत्र में निगरानी और गश्त बनाए रखी। इसके बाद मां दुर्गा की सभी प्रतिमाओं का जुलूस नगर भ्रमण करता हुआ प्राचीन शिवाजी तालाब पहुंचा, जहां विधि विधान से माता रानी व अन्य प्रतिमाओं को नम आंखों से जल में विसर्जन किया गया।
