पुलिस-परिजन जिसे मान रहे थे मृत, तीन साल बाद जिंदा मिला वह युवक

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि इस व्यक्ति की पहचान शास्त्री नगर में रहने वाले बर्टीदास 27 जुलाई 2017 को यह अपने भाई शैली नोएलदास के पास काम के लिए सेक्टर-52 नोएडा गया था, लेकिन वहीं से लापता हो गया। उसकी पत्नी मेघना दास ने पहले कविनगर थाने में ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका सुराग नहीं मिला तो अभी 5 मार्च को ही कोर्ट के आदेश पर उसकी हत्या का मामला दर्ज कराते हुए अपने देवर शैली नोएलदास, डब्लूएन दास और ननद अर्चना दास सिंह पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच शुक्रवार की सुबह सूचना मिली कि बर्टी दास चिरंजीव विहार में रहने वाले एक डॉक्टर के पास दवा लेने आया है। इस सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर युवक को हिरासत में लेकर परिजनों को सौंप दिया है।

पत्नी ने लगाया था हत्या का आरोप : बर्टीदास की पत्नी मेघना दास ने हत्या का आरोप लगाते हुए कोर्ट में न्याय की गुहार की थी। उसने बताया था कि 27 जुलाई 2017 को उसके पति काम के लिए अपने भाई के पास गए थे। ऑफिस पहुंचने पर उनकी पति से बात भी हुई थी। उस समय उनके पति काफी डरे हुए थे। बताया था कि शास्त्री नगर वाली संपत्ति को लेकर भाई शैलीदास और बहन अर्चना दास के साथ उनका झगड़ा हुआ है। दोनों जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसी के बाद से उनका पति से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। अगले दिन उन्होंने अपने देवर शैली को फोन कर पति के बारे में पूछा तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। पीड़िता ने चार अगस्त 2017 को कविनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। फिर 20 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दी। बावजूद समाधान नहीं होने पर कोर्ट में शिकायत दी। कविनगर पुलिस ने पांच अप्रैल को कोर्ट के आदेश पर बर्टीदास की हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू किया था।

पारिवारिक कलह से तंग आकर लिया संन्यास

बर्टीदास ने पुलिस को बताया कि घर में रोज की कलह से परेशान होकर उसने संन्यास ले लिया है। 27 जुलाई को वह काम के लिए अपने भाई के पास गया, लेकिन वहां भी विवाद होने से उसका मन टूट गया और उसने स्वेच्छा से संन्यास ले लिया। वह अपने भाई के ऑफिस से निकला और दिल्ली जाकर मिशनरी में रहने लगा।

हर महीने आता था दवा लेने

बर्टीदास ने बताया कि वह दिल का मरीज है और उसकी दवा पहले से चिंरजीव विहार में रहने वाले एक डॉक्टर के जरिए चल रही है। वह हर महीने दवा लेने के लिए यहां आता था और चुपचाप दवा लेकर वापस चला जाता था। शुक्रवार को उसके परिजनों में से ही किसी ने डॉक्टर के क्लीनिक में उसे देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read also x