बंगाल चुनाव: कोरोना के कारण रैली और रोडशो के विकल्प पर विचार कर रही BJP-RSS, जानें किसने क्या कहा

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि दोनों दलों के पदाधिकारी बड़ी रैलियों और रथयात्राओं के लिए विकल्प खोजने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। ये वे तरीके होंगे जिसके जरिए राजनीतिक दलों को अपनी ताकत दिखाने का मौका मिलेगा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “इस बात की बहुत चर्चा है कि क्या हमें रथयात्रा जारी रखनी चाहिए, जहां हजारों लोग इकट्ठा होते हैं और बड़ी रैलियां भी करते हैं?” इस बहस के बीच आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेता और आरएसएस का मानना है कि अगर राजनीतिक दलों में सहमति बनती है तो सार्वजनिक सभाओं के जरिए प्रचार करने से बचना चाहिए।उन्होंने कहा, “कोरोना के प्रसार रोकने के लिए नुक्कड़ सभा, जिसमें सीमित संख्या में लोगों के साथ बैठकें होती हैं, सबसे अच्छा तरीका है।”

दिलचस्प बात यह है कि गुरुवार को ऐसी ही एक नुक्कड़ सभा के दौरान भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की कि कोलकाता और उसके आसपास बड़ी रैलियों के बजाय केवल नुक्कड़ सभाएं होंगी। उन्होंने सभी को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मास्क पहनने के लिए भी कहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से उपस्थित सभी लोगों को मास्क वितरित करने के लिए भी कहा।

लेफ्ट ने पहले ही आभासी तरीके से सभाएं करने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से एक बार में चुनाव कराने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है, न कि सभी आठ चरणों में। हालांकि, बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “चुनाव आयोह को यह तय करना है कि सभी चरणों को क्लब किया जा सकता है या नहीं। हम, हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित चुनाव तिथियों को बदलने के लिए नहीं कहेंगे।”

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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