रीवा रांची मार्ग के कनहर पुल से झारखंड बॉर्डर तक आवागमन आसान नहीं

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

रीवा रांची मार्ग के कनहर पुल से झारखंड बॉर्डर तक आवागमन आसान नहीं।

धूल से राहगीर हों रहे बिमारी का शिकार।

दुद्धी सोनभद्र/रीवा रांची मार्ग के कनहर नदी से विन्ढमगंज झारखंड बॉर्डर तक आवागमन करना अब आसान काम नहीं है। सड़क पर उड़ रही धूल से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर बने बड़े बड़े गड्ढे से तो राहगीर पहले ही परेशान हो रहे थे, अब उड़ती धूल का भी सामना करना पड़ रहा है। फिर भी संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।मुख्य मार्ग होने के कारण सैकड़ों की संख्या में भारी वाहनों के गुजरने से धूल उड़ने लगती है। इस मार्ग पर धूल ही धूल नजर आता है। धूल उड़ने से चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी वाहन के पीछे-पीछे चलने वाले छोटे-छोटे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। बाइक चालक को सड़क पर उड़ रही धूल आंखों के सामने ओझल कर देती है। इससे अक्सर दुर्घटना होनी की संभावना बनी रहती है।
सुबह-सुबह स्वास्थ्य की दृष्टि के टहलने वाले लोगों के लिए कभी सड़क अच्छा साधन हुआ करता था। लेकिन सालभर से सड़कों की बदतर स्थिति को देखते हुए लोगों ने सड़क पर टहलना छोड़ दिया है। ग्रामीण अवधेश कनौजिया सम्भू गुप्ता श्रवण गुप्ता अनिल कुमार ने बताया कि सुबह ताजी हवा के लिए नेशनल हाइवे पर जाते थे, लेकिन गाड़ीयों का आवागमन से सुबह ही सड़क पर उड़ती धूल से जाना ही छोड़ दिया हैं।
धूल की वजह से सड़क किनारे रहने वाले लोग व व्यावसायी खासे परेशान हैं। लोग बताते हैं कि मकान और दुकान में नियमित साफ-सफाई नहीं की जाए तो 24 घंटे में ही धूल की मोटी परत बैठ जाती है। धूल से घर और दुकान में रखे सामानों को भी नुकसान पहुंचता है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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