मुजफ्फरनगर में किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, कई लोग घायल, मंत्री के विरोध के बाद मामला बिगड़ा

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

पीड़ित पक्ष की पंचायत में आरोप लगाया गया कि हमलावर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के साथ ही थे। रालोद के पूर्व मंत्री योगराज सिंह, राजपाल बालियान पंचायत में पहुंचे। रालोद नेताओं ने घटना को लेकर आक्रोश जताया। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी हो रही है। इसे लेकर जयंत चौधरी ने ट्वीट भी किया है।

झड़प के बाद रालोद नेता जयंत चौधरी ने ट्वीट कर लिखा कि सोरम गांव में बीजेपी नेताओं और किसानों के बीच संघर्ष हुआ है। कई लोग घायल हैं। किसान के पक्ष में बात नहीं होती तो कम से कम व्यवहार तो अच्छा रखो। किसान की इज़्ज़त तो करो। इन कानूनों के फायदे बताने जा रहे सरकार के नुमाइंदों की गुंडागर्दी बर्दाश्त करेंगे गांववाले?

शामली में हुआ था बालियान का विरोध
दरअसल किसान आंदोलन सरकार के गले की फांस बन गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिमी यूपी के बीजेपी नेताओं को ये जिम्मेदारी दी है कि खापों के बीच जाकर कृषि कानूनों को लेकर भ्रांति को दूर करें। इससे पहले रविवार को केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान का काफिला शामली के भैंसवाल गांव पहुंचा था। जहां उन्हें विरोध झेलना पड़ा। खाप चौधरियों ने इन नेताओं से मिलने से साफ इनकार कर दिया। किसानों ने नारा दिया कि पहले तीनों कानून वापस कराओ, फिर गांव में आओ।

हालांकि किसानों के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने भी अपने तेवर दिखाए। उन्होंने गाड़ी पर खड़े होकर कहा कि 10 लोगों के विरोध के चलते मुर्दाबाद नहीं होता, मैं किसानों के बीच जाता रहूंगा। दरअसल, किसानों की नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि जब सरकार पहले दिन से किसान आंदोलन को सिर्फ एक प्रदेश के चंद किसानों का आंदोलन बता रही है तो अब बीजेपी के नेता यूपी में किसानों को मनाने क्यों आ रहे हैं।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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