किसी पारंपरिक दवा को मंजूरी नहीं दी… बाबा रामदेव के दावों के बाद WHO ने कही यह बात

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

बाबा रामदेव ने कहा, ‘साइंटिफिक रिसर्च एविडेंस पेश किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस दवा को मंजूरी दी है। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर परमिशन दी गई है। अब हम इस दवा को दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में बेच सकते हैं।’ कोरोनिल की नई दवा की लॉन्चिंग के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। बाबा रामदेव ने कहा था कि जिन लोगों को कोरोना के इलाज के लिए दूसरी दवाएं नहीं मिल रही हैं, वे कोरोनिल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हरिद्वार स्थित बाबा रामदेव की कंपनी का कहना था कि इस दवा को विश्व स्वास्थ्य संगठन की सर्टिफिकेशन स्कीम के तहत आयुष मिनिस्ट्री से मंजूरी मिली है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ट्वीट के बाद से इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बाबा रामदेव ने कैसे मंजूरी का दावा किया है। यही नहीं यह मुद्दा ट्विटर पर भी काफी ट्रेंड हो रहा है। इससे पहले आयुष मंत्रालय ने जून में लॉन्च की गई कोरोनिल दवा को कोरोना मरीजों के लिए इम्युनिटी बूस्टर के लिए अहम बताया था। बाबा रामदेव ने दवाई को दोबारा लॉन्च करने के साथ ही एक रिसर्च पेपर भी जारी किया था, जिसमें पतंजलि की वैक्सीन के बारे में बताया गया है। बता दें कि बीते साल 23 जून को बाबा रामदेव ने पहली बार कोरोनिल को लॉन्च किया था, लेकिन इस पर काफी विवाद छिड़ा था और अंत में उन्होंने कहा था कि हमने कभी कोरोना के इलाज का दावा नहीं किया है बल्कि इसे इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read also x