एसपी ने लगाई जनचौपाल विस्थापितों की समस्यायों से हुए रूबरू ,कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों में बांटे कम्बल व खेल सामग्री

क्राइम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

एसपी ने लगाई जनचौपाल विस्थापितों की समस्यायों से हुए रूबरू ,कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों में बांटे कम्बल व खेल सामग्री
निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर 1 बजे डूब गांव कोरची पहुँचे एसपी

कहा पुलिस जनता के सेवा के लिए बनी ,समस्यायों को निसंकोच करें साझा|

दुद्धी/ सोनभद्र| सोनभद्र के अंतिम छोर पर स्थित छतीसगढ़ सीमा से लगे डूब गांव कोरची में आज एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने जनचौपाल लगाया|इस दौरान उन्होंने गोहड़ा ,भीसुर ,सुंदरी ,अमवार कोरची गांव के चयनित 100 गरीब ,विधवा ,असहायों को ठंड से बचने हेतु कम्बल की सौगात वितरण किये ,साथ ही 150 स्कूली बैग पेन ,पेंसिल,कलर स्कूली बच्चों में बांटे इस दौरान युवाओं को खेल के प्रति रुझान बढ़ाने और उन्हें फिट रहने की नसीहत देते हुए 6 बॉलीबाल किट भी बांटे|
निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर 1 बजे डूब गांव कोरची हाट शेड पहुँचे एसपी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों की समस्यायों से अवगत हुए उन्हें सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओ का लाभ मिल रहा है कि नहीं इसके बारे में जानकारी ली|

समस्यायों को अवगत कराते हुए भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री / प्रधान संघ जिलाउपाध्यक्ष / विस्थापित संघ अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद निराला ने कहा कि प्रशासन विस्थापितों की मूल समस्यायों को सरकार को अवगत कराएं ,जैसे अभी उन्हें घर खाली करने को नोटिस तो दे दिया गया है,उन्हें यहां से उजाड़ कर पुनर्वास कालोनी में बसने के लिए मूलभूत सुविधाएं देना आवश्यक है, कुछ विस्थापिति ऐसे है जो पात्रता रखते है उन छुटे विस्थापितों का नाम विस्थापन सूची में जोड़ा जाए | अमवार चौकी क्षेत्र काफी लंबा पड़ता है यहां इंचार्ज को पेट्रोलिंग के लिए एक गाड़ी की व्यवस्था किया जाए ,अमवार चौकी में नजदीक के गांव बघाडू , नगवां आदि को चौकी में शामिल किया जाए|

सुंदरी प्रधान फणीश्वर जायसवाल ने कहा कि 2014 में विस्थापितों का आंदोलन हुआ था ,तत्कालीन समझौता के अनुसार जिला प्रशासन ने छूटे विस्थापितों को जोड़े जाने की बात कही थी।प्रारूप 6 पर काम चल रहा है लेकिन प्रारूप 3व 11पर काम शुरू नही हुआ है| उन्होंने मांग उठाई कि डोर टू डोर विस्थापितों का सर्वे कराकर छुटे विस्थापितों का नाम जोड़ा जाए, विस्थापितों को मकान बनाने के लिए बालू आपूर्ति में सहूलियत प्रदान किया जाए जिससे विस्थापित अपना घर बना सके|
पूर्व प्रधान कोरची रमेश कुमार ने कहा कि हमारे यहां मुख्य बिंदु सिंचाई की ही समस्या है ,हम कई प्रकार के समस्या झेल रहे है ,ऐसा लगता है जैसे हम अनाथ है लगता है जैसे अब हमारा मालिक सिंचाई विभाग ही है। हम विस्थापितों की जायज मांगो को भी नहीं माना जा रहा ,तत्कालीन जिला अधिकारी महोदय ने कोर कमेटी का गठन किया था जिससे जनता और प्रशासन के बीच संवाद बना रहता था अब जनता और शासन के बीच संवाद कट गया है केवल सूचना आ रहा है कि लेखपाल नोटिस लाकर थमा रहे है ,कहते है कि 15 दिनों के भीतर यहां से भाग जाए।उन्होंने मांग उठाई कि सरकार द्वारा एक जनसुनवाई रखा जाए जिससे विस्थापितों के समस्यायों का निदान हो सके|हमारे समस्यायों का समाधान कर ससम्मान यहां से विस्थापिति किया जाए।जनता और शासन प्रशासन के बीच संवाद स्थापित किया जाए|
कोरची ग्राम प्रधान गम्भीरा प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रहित में हम सर्वस्त्र दान कर रहे है और हम विस्थापितों को आवास के लिए 75 हजार रुपये दिए जा रहे है ,जिससे घर बनाने में केवल बालू भी नहीं खरीदा जा सकता ,है हम मांग करते है कि हम सभी विस्थापितों को प्रधानमंत्री आवास दिया जाए|जिस तरह से दुद्धी क़स्बे में लोगों को आवास दिए गए| मांग उठाई कि सिंचाई विभाग द्वारा सम्पूर्ण गांव को डूब क्षेत्र में शामिल किया जाए ,क्योंकि पूर्व के सर्वे में गांवो के कुछ भाग आंशिक रूप से डूब बताए गए है इसको लेकर जिला प्रशासन अपना विचार स्पष्ट करें|विस्थापित नेताओं व अगुवा की समस्यायों को सुनकर
एसपी ने कहा कि यह कार्यक्रम एक संवाद कार्यक्रम था जिसके तहत हमे डूब क्षेत्र में आने का अवसर मिला।यहां का इलाका गरीब इलाका व अति पिछड़ा है और खेती भी कमजोर है यहां की जनता बहुत भोली भाली है।एसपी ने ग्रामीणों से पूछा की एम्बुलैंस 112डायल नम्बर पर सम्पर्क होता है कि नहीं तो ग्रामीणों ने बताया कि कभी कभार संपर्क हो जाता है।इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से सरकार द्वारा दिये जाने वाली योजनाओ से मिलने वाली लाभ के बारे में जानकारी ली। जैसे कन्या सुमंगला योजना के लाभ व वृद्धा पेंशन के बारे में भी जानकारी ली| आगे कहा कि कनहर सिंचाई परियोजना सरकार की नही आप का है जिसके बन जाने से यहां की जनता खुशहाल होगी ,वो बात और है कि अपने पुराने घरों को छोड़कर अन्यत्र जाना तकलीफदायक होता है| लोग गुमराह करने की कोशिश करेंगे लेकिन गुमराह नहीं होना है|शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि तररकी मुख्य साधन शिक्षा है जहां शिक्षा होगी वहां तरक़्क़ी अवश्य होगी।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की आप सभी अपने बच्चों को पढ़ाइये,शिक्षा आज के समाज मे अत्यंत जरूरी है| एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की लड़कियां पुलिस विभाग में ज्यादा भर्ती हो रही है क्योंकि उनकी पढ़ाई लिखाई अच्छी हैं कद काठी अच्छी होती है| उन्होंने कहा कि विस्थापितों की समस्यायों को उच्च अधिकारियों को पहुँचाया जाएगा ,कहीं भी किसी बात पर हिंसा का सहारा नहीं लेना है।उन्होंने चौकीदारों को निर्देशित किया कि वे ग्राम सुरक्षा समिति का गठन करें ,जिससे सुरक्षा तंत्र मजबूत हो |ग्रामीणों से अपील किया कि बाहर से आकर गांव में व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों की सूचना पुलिस को अवश्य दें|जिससे उनके बारे में छानबीन हो जाये|

कार्यक्रम के अंत में ग्राम प्रधान कोरची गम्भीरा प्रसाद ने विस्थापितों की समस्यायों को लेकर एक ज्ञापन एसपी को सौंपा| इस मौके पर एसपी पीआरओ आरएन पासी ,प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ,अमवार चौकी इंचार्ज जितेंद सिंह मय फोर्स के साथ एक प्लाटून पीएसी के जवान मौजूद रहे, कार्यक्रम का संचालन कोरची प्रधान गम्भीरा प्रसाद ने किया|

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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