Jammu-Kashmir Tunnel: इमरान खान को नहीं भा रही कश्मीर की शांति? सुरंग ने जानिए कैसे खोल दी PAK की पोल

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

जम्मू कश्मीर-भारतीय सुरक्षा बलों ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक सुरंग को खोज निकाला। अधिकारियों का कहना है कि यह सुरंग पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए बनाई थी। यह पिछले साल नवंबर के बाद से मिलने वाली दूसरी सुरंग है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की स्पेशल टीम जिसने सुरंग का पता लगाया है, उसका कहना है कि यह नवंबर में खोजी गई सुरंग की ही तरह है। इसके जरिए से पाकिस्तानी सेना की कोशिश आतंकी शिविरों में ट्रेनिंग पाए आतंकियों को घुसपैठ कराने की थी। बीएसएफ के अधिकारी ने बताया, ”जीरो प्वॉइंट से सुरंग की एंट्री तकरीबन 300 फीट थी और भारतीय सीमा पर लगी फेंस से 65 फीट दूर थी।” इस सुरंग के मिलने से इमरान खान की प्लानिंग का भी पता चलता है। पाकिस्तान लगातार कश्मीर में बनी शांति में बाधा खड़ी करने की कोशिश में लगा रहता है।

बीएसएफ अधिकारी ने आगे कहा कि पिछली सुरंग को देखते हुए हमें लग गया था कि पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ कराकर आतंकियों को भेजने के लिए नए रास्ते का निर्माण शुरू कर दिया है और इसी वजह से हमने स्पेशल टीमों का गठन किया था। नई दिल्ली में मौजूद काउंटर टेरर अधिकारियों ने कहा कि सुरंग का मिलना पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए जाने वाले सीजफायर उल्लंघनों को भी बताता है। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की एक पुरानी रणनीति रही है कि वे ध्यान हटाने के लिए भारतीय सीमा पर गोलीबारी करते हैं। आमतौर पर, इससे आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ करने में मदद मिलती है।

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वहीं, जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर पर पिछले साल पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा किए जाने वाले सीजफायर उल्लंघनों के मामलों में काफी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल सीजफायर उल्लंघन के 930 मामले थे, जोकि उसके पिछले साल के मुकाबले 54 फीसदी ज्यादा थे। यानी की पिछले साल 605 बार अधिक पाकिस्तानी सुरक्ष बलों ने सीजफायर उल्लंघन किया था। वहीं, आतंकवादियों की भर्ती में भी 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस अधिकारी का कहना है कि सुरक्षा बल पूरी तरह से मुस्तैद हैं। 2020 में भर्ती किए गए 174 आतंकियों में से सिर्फ 52 ही अभी एक्टिव हैं। अधिकारी ने कहा, ”इसमें से करीब 50 गिरफ्तार कर लिए गए या फिर खुद सरेंडर कर दिया। सुरक्षा बलों ने विभिन्न ऑपरेशंस में 76 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।” दिल्ली में एक राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकार ने कहा कि सुरंगों के माध्यम से आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तान की सेना का दृष्टिकोण यह दिखाता है कि वह कश्मीर को भड़काए रखना चाहते हैं। पहले माना जाता था कि पाकिस्तानी पक्ष ठंड के मौसम में घुसपैठ की कोशिशों को रोक देता है, लेकिन सुरंगों से पता चलता है कि जनरल (कमर अहमद) बाजवा नहीं चाहते हैं कि आतंकियों की घुसपैठ बंद हो।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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