बर्ड फ्लू कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक , केंद्र सरकार ने मीट-अंडा की दुकानों पर लगाया प्रतिबंध

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

बर्ड फ्लू कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक , केंद्र सरकार ने मीट-अंडा की दुकानों पर लगाया प्रतिबंध।

नई दिल्ली-कोरोना महामारी के बाद अब एक बार फिर देश नई आफत से घिरता ही जा रहा है। तबाही का पैगाम लेकर आया बर्ड फ्लू कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है। चारों तरफ बर्ड फ्लू की वजह से हड़कंप मचा हुआ है। मीट-अंडा की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। लगातार बिगड़ते हालातों से डरी हुए सरकारें भी अब चौकन्नी हो गई है। इसके संक्रमण से अभी तक संक्रमित हुए लोगों में आधे से ज्यादा की मौत हो चुकी है। ऐसे में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए तमाम राज्य अलर्ट हो चुके हैं।

तबाही के इस दौर में केंद्र सरकार के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। अब ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके जरिए देश में आ रहे ऐसे सभी मामलों पर सख्ती से नज़र रखी जा रही है।

दरअसल बर्ड फ्लू जिसे एवियन इंफ्लूएंजा बहुत संक्रामक और कोरोना वायरस की तुलना में ज्यादा घातक है। इसमें इंफ्लूएंजा के 11 वायरस हैं जो इंसानों को संक्रमित करते हैं। पर इनमें से ही केवल पांच ऐसे हैं जो इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

जो इस तरह से हैं- H5N1, H7N3, H7N7, H7N9 और H9N2। बता दें, बर्ड फ्लू पक्षियों के जरिए ही इंसानों में भी फैलता है। ये समझना बिल्कुल गलत होगा कि ये वायरस सिर्फ पक्षियों में ही होता है। इन वायरसों को HPAI (Highly Pathogenic Avian Influenza) कहा जाता है। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक H5N1 बर्ड फ्लू वायरस है।

नए संकट से निपटने के लिए

विपरीत होती स्थितियों को देखते हुए बर्ड फ्लू संकट पर सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश से सामने आ रहे हैं। ऐसे में राज्य में अब तक सैकड़ों की संख्या में कौवे मर गए। इस बारे में सावधानी बरतते हुए नए संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक बुलाई है।

साथ ही केंद्र सरकार ने बर्ड फ्लू से निपटने के लिए कण्ट्रोल रूम का गठन किया है। बर्ड फ्लू के गहराते संकट के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (MoEF & CC) ने सभी राज्य मुख्य सचिवों और मुख्य वन्यजीव वार्डनों को एक चिट्ठी लिखी है और उनसे एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समितियों का गठन करने की बात भी कही है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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