नही रुक रहा करहिया व बोधाडीह में कनहर नदी में अवैध खनन का खेल

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

नही रुक रहा करहिया व बोधाडीह में कनहर नदी में अवैध खनन का खेल।

विंढमगंज/ सोनभद्र/ विंढमगंज रेंज के अंतर्गत करहिया व बोधाडीह अवैध खनन का खेल नहीं रुक रहा है ,यहां जिम्मेदार विभागों के हाकिम कनहर नदी में अवैध बालू साइट चलवा रहें है , उन्हें ना तो प्रशासन से डर है और ना सुशासन का सूबे में सरकार चला रहे सीएम योगी का।नदी से अवैध खनन में एक दर्जन ट्रैक्टर दिन रात अवैध खनन में लिप्त रहते है ,जो गांव में चुनिंदा स्थानों पर चोरी के अवैध बालू का भण्डारण करते है,फिर वहां से टीपरो में भरकर कर कोन ,कचनरवा ,ओबरा व दुद्धी में तस्करी कर रहें है ,इन बगैर परमिट पर अवैध चोरी के बालू का परिवहन कर रहे टीपरो की मुख्य मार्ग पर भरमार है और इसकी कोई जांच नहीं हो पा रही है।

करहिया व बोधाडीह में टीपरो से चोरी का बालू परिवहन में सक्रिय खननकर्ता ग्राम पंचायत कुड़वा , दुद्धी के टेढ़ा ,बताए जा रहें है जो आधे दर्जन टिपर का बेखौफ परिवहन करा रहें है ,वही टीपर स्वामियों बालू की आपूर्ति देने का काम गांव में ही मौजूद दर्जन भर ट्रैक्टर संचालक करते है।मामले की पुष्टि तो सिर्फ इसी बात से हो जाती है कि अभी पिछले दिनों वन विभाग के मंडलीय उड़ाका दल प्रभारी मनमोहन मिश्रा ने करहिया से अवैध बालू लादकर कुड़वा की परिवहन कर रहे टीपर को कोन पुलिस को हवाले किया था,लेकिन फिर भी खननकर्ता नहीं मान रहे, जब पिछले दिनों ‘विंढमगंज रेंज के करहिया में खुलेआम अवैध बालू की लोडिंग 6 टीपर दिन भर लगाते है।

कोन कचनरवा का फेरा’ शीर्षक से खबर चली तो वन विभाग के कर्मियों ने दिखावे के लिए नदी जाने वाले मार्ग में 1 फिट गढ्ढा खनवा दिया,उसी के दूसरे दिन दर्जन ट्रैक्टर संचालक विंढमगंज रेंज पहुँच गए और वहां पर ना जाने वनाधिकारियों से क्या सेटिंग किया कि अवैध खनन फिर शुरू हो गया।

जिससे क्षेत्र के लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि करहिया में अवैध खनन साइट वन विभाग के हाकिम ही चलवा रहे है और ट्रैक्टर व टीपर संचालकों से कथित कारखास से रकम की वसूली करवा रहे है, और लाखों रुपये प्रतिदिन सरकार को चुना लगा रहे है।

इस खेल में कुछ सफेदपोशों का भी संरक्षण बना हुआ है। पर्यावरण कार्यकर्ता दिनेश यादव , सुशील,उदय शर्मा, विनय आदि ने मामले नवागत डीएम व पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कर मौका जांच का मांग किया है और अवैध खनन में लिप्त वन अधिकारियों व पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई का मांग किया है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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