जेम्स स्कूल दुद्धी की मनमानी,छात्र छात्राओं को किया ऑनलाइन परीक्षा से वंचित

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

जेम्स स्कूल दुद्धी की मनमानी,छात्र छात्राओं को किया ऑनलाइन परीक्षा से वंचित

जेम्स स्कूल दुद्धी का मनमानी रवैया,ऑनलाइन क्लास से वंचित हुए नौनिहाल

अभिभावकों से जबरन शुल्क जमा करने के बनाये जा रहें हैं दबाव,शुल्क जमा न कर पा रहे अभिभावकों के पाल्यों को ऑनलाइन क्लास से किया जा रहा वंचित

पीड़ित अभिभावक व विद्यार्थी खण्ड शिक्षा अधिकारी को दिया शिकायती प्रार्थना पत्र

दुद्धी सोनभद्र। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना के कारण आर्थिक तंगियों से जूझ रहा है वहीं पर शिक्षा विभाग के कुछ विद्यालय अपनी मनमानी कर देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर आतुर दिख रहे हैं। स्थानीय कस्बे में संचालित जेम्स इंग्लिश स्कूल द्वारा वहां पर अध्ययनरत विद्यार्थियों के शोषण की सूचना आय दिन मिलती रही है। अभी ताजा समाचार के अनुसार जेम्स इंग्लिश स्कूल के द्वारा उन बच्चों को ऑनलाइन क्लासेज व ऑनलाइन परीक्षा से बाहर कर दिया गया है जो छात्र छात्राएं अपना शुल्क फीस नहीं जमा कर सके हैं। मनमानी रवैया अपनाकर जेम्स स्कूल द्वारा ऐसे बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

वहां पर अध्ययनरत एक छात्र के अभिभावक ने खंड शिक्षा अधिकारी दुद्धी को एक शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है जिसमें जेम्स इंग्लिश स्कूल दुद्धी के द्वारा उनके बच्चे को ऑनलाइन क्लासेज वह ऑनलाइन एग्जाम से वंचित करने की शिकायत की गई है स्थानीय कस्बे निवासी विनय कुमार एक सामान्य व्यवसायी हैं जिनका बालक कक्षा 6 में पढ़ता है शिकायतों पर गौर फरमाया जाए तो यह बातें सामने आ रही हैं कि बहुत ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिन्हें जेम्स इंग्लिश स्कूल के द्वारा ऑनलाइन क्लासेज से बाहर कर दिया गया है। बताना जरूरी है कि गवर्नमेंट के अनुसार कोई भी विद्यालय किसी भी पंजीकृत छात्र छात्रा को उसकी शिक्षा से उसे वंचित नहीं कर सकते साथ ही इस कोरोना काल में अभिभावकों के ऊपर शुल्क के लिए दबाव बनाकर शुल्क नहीं जमा कराया जा सकता, नहीं अध्ययनरत छात्र छात्राओं को उनकी शिक्षा से वंचित किया जा सकता है फिलहाल देखना है की खंड शिक्षा अधिकारी दुद्धी द्वारा इस शिकायती पत्र पर क्या कार्यवाही की जाती है।कई ऐसे और अभिभावक हैं जो अब आंदोलन को रूप देने के लिए आतुर दिख रहे हैं। अभी तो उनका कहना है कि अभी तो सिर्फ एक शिकायती पत्र भेजा जा रहा है। एक-दो दिन में हम लोग संयुक्त रूप से उच्चाधिकारियों सहित माननीय मुख्यमंत्री जी तक अपनी शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित करेंगे अभिभावकों का कहना है जब स्कूल खुला ही नहीं तो हम किस बात का शुल्क जमा करें। अभी व्यापार इत्यादि में काफी परेशानी हो रही है ऊपर से जेम्स स्कूल का जो चार्ज है वह अभी हम उसे पूरा नहीं कर पाएंगे।शुल्क जमा न होने की स्थिति में छात्र छात्राओं को उनके ऑनलाइन क्लासेज से वंचित किया जाना कहां तक न्यायोचित होगा यह भी एक यक्ष प्रश्न है यदि जेम्स स्कूल प्रशासन अपनी भूलों को सुधार नहीं करता है तो पीड़ित व प्रताड़ित अभिभावक व उनके पाल्य सहित कस्बे के लोग जन जन आंदोलन करने के लिए बाध्य रहेंगे,
जेम्स इंग्लिश स्कूल के इस मनमानी रवैया की स्थानीय लोगों ने घोर निंदा की है लोगों का कहना है कि जेम्स इंग्लिश स्कूल एक ऐसा विद्यालय है जहां लोग अच्छी तालीम के लिए जाना चाहते हैं लेकिन जिस प्रकार से स्कूल प्रशासन मनमानी रवैया अपनाकर विद्यार्थियों को मानसिक प्रताड़ना दे रहा है उसकी हम लोग घोर निंदा करते हैं और जेम्स इंग्लिश स्कूल प्रशासन से मांग करते हैं कि वह जनहित में ऐसे वैसे छात्र-छात्राओं को भी ऑनलाइन क्लासेज की सुविधा प्रदान करें जिनके अभिभावक कोरोना संकटकाल में शुल्क नहीं जमा कर पा रहे हैं यदि किसी भी छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ तो यह बात बहुत आगे तक बढ़ जाएगा और पूरा कस्बा आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएगा।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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